भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सेवा ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ अब और सुरक्षित

भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सेवा ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ अब और सुरक्षित

वाराणसी (जनवार्ता) । भारतीय डाक विभाग ने अपनी स्पीड पोस्ट सेवा को डिजिटल युग के अनुरूप और अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और ग्राहक-अनुकूल बनाने के लिए 1 अक्टूबर 2025 से नए बदलाव लागू किए हैं। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि रीयल-टाइम ट्रैकिंग और ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ स्पीड पोस्ट सेवा अब पहले से कहीं अधिक विश्वसनीय और उपयोगकर्ता केंद्रित हो गई है।

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ओटीपी आधारित डिलीवरी: एक नई पहल


नई प्रणाली के तहत, स्पीड पोस्ट अब दस्तावेजों, पार्सलों, कानूनी दस्तावेजों और वैधानिक संचार सहित सभी उत्तरदायी वस्तुओं की डिलीवरी के लिए मूलभूत सेवा होगी। ओटीपी आधारित डिलीवरी सुविधा के लिए ग्राहकों को बुकिंग के समय 05 रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) का मूल्यवर्धन शुल्क देना होगा। यह सुविधा डाक विभाग के एपीटी 2.0 प्लेटफॉर्म के तहत लागू की गई है, जो क्लाउड-रेडी सिस्टम पर आधारित है। यह कदम डाक वितरण को सुव्यवस्थित करने और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नई टैरिफ संरचना और छूट
पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने बताया कि 1 अक्टूबर 2025 से स्पीड पोस्ट की दरों में भी संशोधन किया गया है। पहले 50 ग्राम के लिए इंट्रा-सिटी डिलीवरी का शुल्क 19 रुपए और शेष भारत के लिए 47 रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) होगा। अधिकतम 500 ग्राम तक के दस्तावेजों के लिए सबसे लंबे रूट की डिलीवरी का शुल्क 93 रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) होगा। ई-कॉमर्स व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए, 9 लाख मासिक व्यवसाय प्रदान करने वाले उपभोक्ताओं को 10% से 50% तक की छूट दी जाएगी।

*पता-विशिष्ट और प्राप्तकर्ता-विशिष्ट डिलीवरी*
स्पीड पोस्ट सेवा अब प्रेषक के निर्देशों के अनुसार पता-विशिष्ट या प्राप्तकर्ता-विशिष्ट होगी। प्राप्तकर्ता-विशिष्ट डिलीवरी के लिए रजिस्ट्रेशन सुविधा ₹05 प्रति वस्तु (जीएसटी अतिरिक्त) के शुल्क पर उपलब्ध होगी। बीमा सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी।

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स्पीड पोस्ट का गौरवशाली इतिहास
भारतीय डाक ने 1 अगस्त 1986 को “ईएमएस स्पीड पोस्ट” के नाम से यह सेवा शुरू की थी, जो समयबद्ध और सुरक्षित डिलीवरी के लिए निजी कूरियर कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करने का एक महत्वपूर्ण कदम था। आज यह सेवा देश भर में तेज और विश्वसनीय डिलीवरी का पर्याय बन चुकी है।

पोस्टमास्टर जनरल  कृष्ण कुमार यादव ने कहा, “डिजिटलीकरण के इस युग में, ओटीपी आधारित डिलीवरी और रीयल-टाइम ट्रैकिंग के साथ स्पीड पोस्ट सेवा न केवल सुरक्षित और स्मार्ट बन गई है, बल्कि यह ग्राहकों के लिए और भी सुविधाजनक और पारदर्शी हो गई है।” 

यह बदलाव भारतीय डाक विभाग के आधुनिकीकरण और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो डाक सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Shiv murti

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