श्री राम अयोध्या नगरी | प्रभु श्रीराम की पवित्र जन्मभूमि का गुणगान

“श्री राम अयोध्या नगरी” भजन भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या की महिमा का बखान करता है। यह वह भूमि है जहाँ भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रूप में अवतार लिया। अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और धर्म का प्रतीक है। इस भजन को गाते समय मन में प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति और अयोध्या के प्रति श्रद्धा की भावना प्रबल होती है। कहा जाता है — “अयोध्या धाम में प्रभु के नाम का उच्चारण स्वयं मोक्षदायी होता है।”

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जय सिया राम जय जय
जय सिया राम जय जय
जय सिया राम बोलो
जय सिया राम……

आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं,
मिलने रघुवर को देवो के देव पधारे हैं,
आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं,
मिलने सीयावर राम को तीनो लोक आ रहे हैं,
आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं,
मिलने सीयावर राम को तीनो लोक आ रहे हैं,
कैसा ये उत्सव खुशी से सब रोते जा रहे हैं,
भरत लखन संग शत्रुघन नम आँखों से गा रहे हैं,
राम नाम के राग में रमते हुए जा रहे हैं,
सियावर राम जय जय राम,
सियावर राम जय जय राम,
मेरे प्रभु राम सीता राम,
सियावर राम जय जय राम,
मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी
आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं………

जय सिया राम जय जय
जय सिया राम जय जय
जय सिया राम बोलो
जय सिया राम……

अयोध्यापुरी श्री राम सभी पर प्रेम की बारिश किए जा रहे हैं,
हनुमन भी चुटकी को बजा कर राम नाम लिए जा रहे हैं,
राम मधुर संगीत को सुनकर सप्तऋषि संतोष हो गए,
भव्य सजा दरबार सिया का रामनाम के डंके बज रहे,
राम यहां हैं राम वहां हैं,
जिस और देखुँ राम वहां हैं,
तेरे अंदर मेरे अंदर सबके अंदर राम बसा है,
सियावर राम जय जय राम,
सियावर राम जय जय राम,
मेरे प्रभु राम सीता राम,
सियावर राम जय जय राम,
आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं,
आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं,
आज अयोध्या नगरी में श्री राम पधारे हैं,
मिलने रघुवर को देवो के देव पधारे हैं,
जय सिया राम जय जय,
जय सिया राम जय जय,
जय सिया राम बोलो,
जय सिया राम……

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भजन गाने की विधि

  • भोर या संध्या के समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजास्थल में श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के चित्र या मूर्ति स्थापित करें।
  • दीपक और अगरबत्ती जलाएँ, तुलसी-दल और पुष्प अर्पित करें।
  • मन को शांत करें और “श्रीराम जय राम जय जय राम” का तीन बार जप करें।
  • फिर श्रद्धा और भावना से “श्री राम अयोध्या नगरी” भजन गाएँ या सुनें।
  • भजन समाप्ति के बाद भगवान श्रीराम से भक्ति, ज्ञान और धर्म पालन की प्रार्थना करें।

लाभ

  • मन में शांति और आत्मा में स्थिरता आती है।
  • घर में भक्ति, प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनता है।
  • श्रीराम जी की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।
  • नकारात्मकता और भय दूर होकर मन में श्रद्धा और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • यह भजन सुनने या गाने से मन अयोध्या नगरी की पवित्रता और शांति का अनुभव करता है।

निष्कर्ष

“श्री राम अयोध्या नगरी” भजन केवल एक गीत नहीं, बल्कि भक्ति और धर्म की भावना का प्रतीक है। इसे सुनने या गाने से भक्त के हृदय में श्रीराम के प्रति प्रेम और समर्पण गहरा होता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि अयोध्या जैसी पवित्र भूमि हमारे जीवन में सद्भाव, भक्ति और शांति का संदेश देती है। श्रीराम की यह नगरी केवल एक स्थान नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय में बसने वाला एक पवित्र धाम है। 🌺

Shiv murti

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