13 हजार विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां

13 हजार विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां

बीएचयू का 105वां दीक्षांत समारोह

rajeshswari

20 छात्राओं और नौ छात्रों को मिले पुरस्कार

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया गया मुख्य कार्यक्रम

वाराणसी (जनवार्ता) ।काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 105वां दीक्षांत समारोह मनाया गया. इस दौरान 13 हजार विद्यार्थियों को उपाधियों का वितरण किया गया।

विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 29 मेधावियों को मंच से मेडल प्रदान किए गए। इस बार टॉपरों की लिस्ट में बेटियों की संख्या अधिक रही है। अनुराधा को चांसलर मेडल मिला है, वहीं, बांग्लादेश से आकर बीएचयू में पढ़ाई कर रहे छात्र तुहिन को भी चांसलर मेडल प्रदान किया गया है। इन दोनों ही विद्यार्थियों को स्व. विभूति नारायण सिंह मेडल भी मिले हैं. मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि वीके सारस्वत और कुलपति अजित चतुर्वेदी ने कार्यक्रम की शुरुआत महामना पं. मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इस दौरान कुलपति ने उपस्थित विद्यार्थियों को सत्य और सेवा भाव से काम करने की शपथ दिलाई। दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में 13,650 उपाधियां वितरित की गई हैं, जिसमें 5,889 स्नातकोत्तर, 7,449 स्नातक, 712 पीएचडी और 01 डीएससी की उपाधि प्रदान की गई है। समारोह कार्यक्रम में कुल 29 टॉपरों को 33 पदक प्रदान किए गए।

मुख्य अतिथि वीके सारस्वत ने कहा कि, भारत की स्वतंत्रता यात्रा से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक शिक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा ने स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्र-निर्माता, महान वैज्ञानिक, विद्वान, कलाकार और तकनीकी विशेषज्ञों को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि, आज भी शिक्षा वही शक्ति है जो युवाओं में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना पैदा करती है। हमारे पास 35 साल से कम 453 मिलियन युवा हैं, जो हमारे देश की मजबूती हैं। युवा शक्ति को देखते हुए और उन्हें आधार बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है।

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29 मेधावियों में से 20 छात्राओं को मिले मेडल :बीएचयू में आयोजित इस बार के दीक्षांत समारोह में भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है. कुल 29 मेधावियों में से 20 छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए हैं. बाकी के 09 छात्र शामिल हैं. छात्राओं में सबसे अधिक अंक लाने वाली अनुराधा द्विवेदी हैं, जिन्होंने एमए संस्कृत में यह अंक हासिल किया है. इसके लिए उन्हें चांसलर मेडल प्रदान किया गया है. अनुराधा बताती हैं कि, उनका सपना था कि वे विश्वविद्यालय में टॉप करें और वे अपने विषय के क्षेत्र में शोध कार्य करना चाहती हैं. छात्राओं का कहना है कि वह इस परिणाम को देखकर काफी खुश हैं.

अनुराधा को प्रदान किए गए कुल 08 मेडल :अनुराधा बताती हैं कि, आप जितनी मेहनत करते हैं, उसका फल कहीं न कहीं मिलता है. मुझे लगता है कि आज मुझे मेरी मेहनत का फल मिला है. मुझे चांसलर अवार्ड के साथ ही स्व. विभूति नारायण सिंह मेडल भी मिल रहा है. फैकल्टी मेडल्स में कुल 08 मेडल मिल रहे हैं. मुझे संस्कृत में शोध कार्य करना है. उन्होंने कहा कि, मैं इसके लिए मां और पिता को क्रेडिट देना चाहूंगी. उन सभी ने मुझे संस्कृत अध्ययन करने में बहुत मदद की है. उन्होंने ही मुझे ऐसे संस्कार दिए हैं. संस्कृत कठिन नहीं है. अगर आप मेहनत करेंगे और रुचि रखेंगे तो यह आपके लिए सरल बन जाएगा. यह बहुत ही सरल विषय है.

बेटियों को अवार्ड मिलना बहुत ही गर्व का पल :
तुहिन बताते हैं कि, मुझे आज मेडल पाकर बहुत ही अच्छा लग रहा है. संगीत में सेवा देना ही मेरा उद्देश्य है. इसमें मुझे और भी अच्छा करना है. अपनी प्रैक्टिस को जारी रखना है और मेहनत करनी है. उन्होंने अपनी पढ़ाई बांग्लादेश में ही पूरी की. तृप्ति मिश्रा बताती हैं कि मुझे बीएचयू गोल्ड मेडल मिला है. कुल 06 गोल्ड मेडल, एक सिल्वर मेडल और 02 कैश प्राइस मिल रहे हैं. मैथमेटिक्स ऑनर्स में मुझे यह उपलब्धि मिली है. अभी मैं मास्टर्स कर रही हूं, फिर पीएचडी करना है. गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में मुझे बहुत ही खुशी का अनुभव हो रहा है. बेटियों को अवार्ड मिलना मेरे लिए बहुत ही गर्व का पल है.

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माता-पिता और गुरु के आशीर्वाद से पूरा हो रहा सपना :
बीएचयू से गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली छात्रा सिद्धांति कहती हैं, यह माता-पिता का सपना पूरा करने जैसा है. उनके और गुरु के आशीर्वाद से ही यह सब संभव हो सका है. आगे और भी मेहनत करना है और भी अच्छा मुकाम हासिल करना है. उन्होंने बताया कि मैं म्यूजिक के फील्ड से हूं तो इसी फील्ड में कुछ बेहतर करना है, अच्छा कलाकार बनना है. अगर ईश्वर और गुरु का आशीर्वाद रहा तो यह सपना भी पूरा होगा. छात्रा नंदिता दुबे ने बताया कि, बॉटनी में मेरा एमएससी पूरा हुआ है. मुझे कुल नौ गोल्ड मेडल मिलने वाले हैं.

डाक के माध्यम से विद्यार्थियों को भेजी जाएंगी डिग्रियां :
कुलपति, प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि दीक्षांत समारोह के दौरान जो भी छात्र विश्वविद्यालय में किसी कारण से उपस्थित नहीं हो सके थे, उनकी डिग्रियां एक महीने के अंदर उनके घर भेज दी जाएंगी. समारोह तिथि के एक महीने बाद उस पते पर, जो परीक्षार्थियों ने परीक्षा फॉर्म पर दिया था, डाक के माध्यम से डिग्री भेजी जाएगी. शुक्रवार को स्वतंत्रता भवन सभागार में विज्ञान संस्थान का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया है. इस आयोजन में करीब तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को उपाधियां और मेडल प्रदान किए गए हैं.

Shiv murti

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