आटा मिल से 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के फरार आरोपी को बिहार से दबोचा
वाराणसी (जनवार्ता) । कैंट पुलिस ने आटा मिल कंपनी से लगभग तीन करोड़ रुपये की जालसाजी और धोखाधड़ी कर गबन करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की सतर्कता, कुशल रणनीति और साइबर सेल की तकनीकी मदद से यह कार्रवाई संभव हो सकी।

बताया जाता है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे कहीं भी छिपने का मौका नहीं दिया।
गिरफ्तार आरोपी का नाम अरविन्द कुमार केशरी पुत्र केदारनाथ केशरी है। जि सकी उम्र लगभग 35 वर्ष है। वह मूल रूप से चक गरीबदास मामा भांजा का तालाब, थाना नैनी, जनपद प्रयागराज का निवासी है। फिलहाल वह बिहार के कैमूर जिले (भभुआ) के थाना मोहनिया क्षेत्र में शुभम मोटर के पास राकेश उर्फ डबलू कुमार पटेल के किराये के मकान में रह रहा था।
यह मामला थाना मण्डुआडीह (कमिश्नरेट वाराणसी) में दर्ज मुकदमा संख्या 180/24 के अंतर्गत है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 406, 408, 504, 506 और 120बी लगाई गई हैं। वादी नितिन मित्तल पुत्र सुशील कुमार मित्तल ने अपनी फर्म फ्लोर मिल गनपतराय केवलराम एग्रोगेट एलएलपी की लहरतारा, वाराणसी स्थित ब्रांच में काम करने वाले अरविन्द कुमार केशरी और दो अन्य लोगों पर फर्जी बिल तैयार करके लगभग दो से तीन करोड़ रुपये गबन करने का आरोप लगाया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था और थाना कैण्ट की टीम विवेचना अधिकारी राम केवल यादव के नेतृत्व में उसकी लगातार तलाश कर रही थी।
गुरुवार को शाम 4:20 बजे बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में किराये के मकान से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी का सुराग लगाया और सफलतापूर्वक उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र (थाना कैण्ट), विवेचना अधिकारी राम केवल यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, कांस्टेबल राजू शाह और सर्विलांस सेल के कांस्टेबल बृजेश शामिल थे।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

