महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ : यूजीसी नियमों के विरोध में जलाईं पीएम-सीएम की होर्डिग, परीक्षाएं रद्द
वाराणसी (जनवार्ता) : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार सुबह छात्रों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम, 2026’ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने इसे ‘काला कानून’ करार देते हुए वापस लेने की मांग की और परिसर में भारी हंगामा मचाया।


प्रदर्शन की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे मानविकी संकाय से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए। उन्होंने यूजीसी गो बैक’, यूजीसी काला कानून वापस लो’ जैसे नारे लगाए और संकाय को तालाबंद कर दिया। इसके बाद छात्रों ने परिसर में लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की होर्डिंग फाड़ी और फूंक दी। मुख्य गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी की गई और प्रशासनिक भवन को भी बंद करा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने सभी विभागों में परीक्षाएं रोक दीं, जिसके चलते विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। छात्रों का आरोप है कि नए यूजीसी नियम उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता पर हमला हैं, शिक्षा का केंद्रीकरण करेंगे और शिक्षकों-छात्रों के अधिकार सीमित करेंगे। वे कहते हैं कि नियमों से निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में चली जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान छात्र परिसर से बाहर निकलकर सिगरा चौराहे पर पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी की और धरना दिया। छात्र नेताओं में राज मंगल पांडे, अंकुर तिवारी, गौरव सिंह, आशुतोष तिवारी, हर्षित, सौरभ सिंह, शशि राय, शिवम तिवारी, गणेश सिंह, गुरु प्रकाश सिंह, युवराज पांडे और शाहिद जैसे नाम प्रमुख रहे।
यूजीसी के नए नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समता समिति, इक्विटी स्क्वॉड और 24 घंटे हेल्पलाइन अनिवार्य की गई है। इनका उद्देश्य जाति आधारित भेदभाव को रोकना है, जिसमें ओबीसी को भी शामिल किया गया है। हालांकि, सामान्य वर्ग के छात्रों का कहना है कि नियम एकतरफा हैं, फर्जी शिकायतों पर कोई सजा का प्रावधान नहीं है और इससे सामान्य छात्रों का उत्पीड़न हो सकता है।
यह विरोध पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में फैल रहा है। वाराणसी सहित लखनऊ, मेरठ, आगरा, गोरखपुर आदि जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगह बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे दिए हैं और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा और किसी के साथ भेदभाव नहीं बर्दाश्त किया जाएगा।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। फिलहाल, काशी के शैक्षणिक परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

