एसटीएफ ने कालोनाइजर हत्याकांड में शामिल एक लाख के इनामिया सुपारी किलर को मुठभेड़ में किया ढेर
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार देर रात एक बड़ी सफलता हासिल की है। सारनाथ थाना क्षेत्र में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात सुपारी किलर बनारसी यादव को चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर मुठभेड़ में मार गिराया गया। यह घटना 21 अगस्त 2025 को हुई हत्या के 166 दिन बाद हुई है।

पुलिस के अनुसार, बनारसी यादव गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का निवासी था। उसके खिलाफ वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र सहित विभिन्न जिलों में 24 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। सबसे चर्चित मामला सारनाथ थाना क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी में महेंद्र गौतम की हत्या का था, जिसमें बनारसी ने अपने साथियों अरविंद यादव उर्फ फौजी और विशाल के साथ मिलकर बाइक सवार होकर गोलीबारी की थी। इस हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी ली गई थी।
हत्या के बाद बनारसी लंबे समय से फरार था। पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने उसकी तलाश में कई छापेमारी कीं। 4 जनवरी को उसके साथी अरविंद यादव को सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद बनारसी के वाराणसी-गाजीपुर हाईवे से भागने की सूचना मिली।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने संबंधित थानों की फोर्स के साथ मिलकर घेराबंदी की। घेराबंदी देख बनारसी ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बनारसी को गोली लगी और वह घायल हो गया। उसे तुरंत पास के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से दो पिस्टल (.30 और .32 बोर) तथा भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिस निरीक्षकों को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण उनकी जान बची।
एसटीएफ के अधिकारियों ने इसे अपराधियों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है। बनारसी यादव जैसे बदमाशों के सफाए से पूर्वांचल में अपराध की कमर टूटने की उम्मीद जताई जा रही है।

