अयोध्या ; दरोगा का शव सरयू नदी में बरामद, पुलिस महकमे में हड़कंप
बस्ती (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसएसआई) अजय कुमार गौड़ की संदिग्ध मौत ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया है। बीते 5 फरवरी को रहस्यमय तरीके से लापता हुए अजय गौड़ का शव तीन दिन बाद रविवार को पड़ोसी अयोध्या जिले में सरयू नदी से बरामद हुआ। शव पुलिस वर्दी में होने से उनकी पहचान तुरंत हो गई, जिससे घटना और भी संवेदनशील हो गई।

जानकारी के मुताबिक, मूल थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय अवकाश पर होने के कारण अजय गौड़ को थाने का प्रभार सौंपा गया था। 5 फरवरी की शाम वे थाने से निकले और उसके बाद लापता हो गए। उनके दोनों मोबाइल (प्राइवेट और सीयूजी) स्विच ऑफ मिले। खोजबीन के दौरान उनकी मोटरसाइकिल बस्ती सदर के अमहट घाट पर कुआनो (घाघरा) नदी के किनारे लावारिस हालत में मिली, जिससे आत्महत्या या अनहोनी की आशंका गहरा गई।
पुलिस ने एसओजी, स्वॉट और अन्य टीमों के साथ बड़े स्तर पर सर्च अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें बस्ती मुख्यालय की ओर जाते देखा गया, लेकिन उसके बाद कोई सुराग नहीं मिला। अंततः अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के तिहुरा माझा (तिघुरा माझा) इलाके में सरयू नदी में शव बहता हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने सूचना दी तो अयोध्या पुलिस ने शव बरामद कर कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की।
परिजनों में शोक की लहर है। पत्नी ने पहले ही हत्या की आशंका जताई थी और कुछ धमकियों का जिक्र किया था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उन्हें बंधक बनाया गया हो सकता है या किसी करीबी ने धोखा दिया। मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है—हत्या, आत्महत्या या अन्य कोई परिस्थिति। बस्ती से अयोध्या तक कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल बरकरार है।
मृतक अजय कुमार गौड़ 2015 बैच के उप निरीक्षक थे और मूल रूप से देवरिया जिले के निवासी थे। वे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। इस घटना ने पुलिसकर्मियों में सुरक्षा, मानसिक दबाव और कार्यस्थल संबंधी चुनौतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बस्ती और अयोध्या पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों से मौत के रहस्य का खुलासा होने की उम्मीद है। पूरे महकमे में शोक का माहौल है और सहकर्मी एक होनहार साथी को खोने के दर्द से गुजर रहे हैं।

