झारखंड : दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश
7 लोगों ने गवाई जान
रांची (जनवार्ता): झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ, जब रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस विमान क्रैश हो गया। इस विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रही यह उड़ान, जो उम्मीद की किरण लेकर निकली थी, अचानक त्रासदी में बदल गई।

विमान दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट C90 (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) था, जो शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ा था। दिल्ली पहुंचने का अनुमान रात 10 बजे का था, लेकिन उड़ान भरने के महज 20-25 मिनट बाद ही विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया। पायलटों ने खराब मौसम के कारण रूट में बदलाव (weather deviation) की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसके बाद रडार और रेडियो संपर्क पूरी तरह खो गया। विमान चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसरिया पंचायत के घने जंगल में गिर गया।
मृतकों में मुख्य मरीज संजय कुमार (41 वर्ष) लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। कुछ दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। उनके शरीर का 65 प्रतिशत हिस्सा बिजली के झटके और आग से जल गया था। 16 फरवरी को उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां करीब 10 दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालत स्थिर नहीं हुई। डॉक्टरों ने उन्नत इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया। परिवार ने आर्थिक तंगी के बावजूद किसी भी कीमत पर एयर एंबुलेंस बुक की और रिश्तेदारों की मदद से यह व्यवस्था की। संजय की पत्नी अर्चना देवी (35 वर्ष) और भांजा ध्रुव कुमार (17 वर्ष) भी उनके साथ थे।
इस हादसे में जान गंवाने वालों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और सह-पायलट कैप्टन सवराजदीप सिंह शामिल थे।
परिवार गहरे शोक में डूबा है। संजय रोज ढाबे पर सैकड़ों यात्रियों को खाना परोसते थे, लेकिन खुद जीवन की लड़ाई हार गए। परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं कि खराब मौसम के बावजूद उड़ान को अनुमति कैसे मिली और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। डीजीसीए और रांची एयरपोर्ट अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में खराब मौसम और तूफान को मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

