घाघरा नदी : छपरा में तीन मासूम भाई-बहनों की दर्दनाक मौत

घाघरा नदी : छपरा में तीन मासूम भाई-बहनों की दर्दनाक मौत

छपरा : वासंती नवरात्र के पावन अवसर पर मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना चल रही थी, उसी समय बिहार के छपरा जिले में एक हृदयविदारक हादसा हो गया। मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव में घाघरा नदी के किनारे तीन मासूम भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई।

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मृतकों की पहचान 10 वर्षीय गुंजन कुमार, उसकी 12 वर्षीय बड़ी बहन रजनी कुमारी और उनकी 13 वर्षीय मौसेरी बहन प्रियांशू कुमारी के रूप में हुई है। तीनों एक ही परिवार से जुड़े थे।

घटना के अनुसार, गांव के कुछ लोग नदी के पार जलावन काटने गए थे। पानी पीने के लिए गए 10 वर्षीय गुंजन कुमार का पैर फिसल गया और वह नदी किनारे बने गहरे गड्ढे  में गिर पड़ा। भाई को डूबता देख 12 वर्षीय रजनी कुमारी तुरंत उसे बचाने के लिए पानी में कूद गई। कुछ ही देर बाद दोनों को बचाने के लिए 13 वर्षीय प्रियांशू कुमारी भी हिम्मत करके पानी में उतर गई।

तीनों बच्चे गहरे पानी में डूब गए। मौके पर मौजूद दो अन्य किशोरों ने भी बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे स्वयं मुश्किल से बच पाए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले।

पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मांझी थाना प्रभारी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक घटना से पूरे मटियार गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। त्योहार के दिन परिवार की खुशियाँ एक पल में मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पप्पू महतो का पूरा परिवार सदमे में है।

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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घाघरा नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। खतरनाक ‘छाड़नों’ की पहचान कर उन्हें भर दिया जाए या सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को तुरंत सरकारी मुआवजा देने की मांग भी की है।

यह घटना एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले गांवों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करती है।

Shiv murti

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