नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का भव्य उद्घाटन
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल, हर दो मिनट में उड़ेगा एक विमान
नोएडा (जनवार्ता): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 11,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का औपचारिक उद्घाटन कर दिया। यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा, बल्कि एशिया के सबसे बड़े ट्रांजिट हब के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एयरपोर्ट ‘नए भारत’ की नई कार्यसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने गर्व से बताया कि इस एयरपोर्ट की क्षमता इतनी विशाल है कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भर सकेगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह परियोजना पश्चिमी यूपी के किसानों, युवाओं और व्यापारियों के लिए तरक्की के नए द्वार खोलेगी।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जिस प्रोजेक्ट की आधारशिला उन्होंने 25 नवंबर 2021 को रखी थी, आज उसी का उद्घाटन करने का सौभाग्य भी उन्हें मिला। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के लिए नोएडा ‘लूट का एटीएम’ था, लेकिन आज यह उत्तर प्रदेश के विकास का असली पावरहाउस बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 करोड़ उत्तर प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता और युद्ध के बीच भारत की मजबूत स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी फैसलों ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में मौजूद ‘डेवलपमेंटल बॉटलनेक’ को डबल इंजन सरकार ने पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
यह एयरपोर्ट 3,900 मीटर लंबे विशाल रनवे से सुसज्जित है जो दुनिया के सबसे बड़े विमानों को भी संभालने में सक्षम है। यहां 40 एकड़ में फैला एक आधुनिक मेंटेनेंस और रिपेयर (MRO) केंद्र बनाया गया है जो अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। साथ ही 80 एकड़ का मल्टी-मॉडल कार्गो हब क्षेत्र के विनिर्माण उद्योगों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और आयात-निर्यात को नई गति देगा।
यह एयरपोर्ट नोएडा की सेमीकंडक्टर फैक्ट्री और ‘नमो भारत’ ट्रेन जैसे अन्य प्रोजेक्ट्स के साथ मिलकर पश्चिमी यूपी को औद्योगिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। कार्गो हब से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, कृषि उत्पाद और अन्य वस्तुओं के निर्यात को विशेष लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट को ‘DXN’ कोड प्राप्त हो चुका है। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से सुरक्षा क्लीयरेंस और परिचालन लाइसेंस भी मिल गया है।
साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट का सपना देखा था। 29 नवंबर 2019 को स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण का टेंडर मिला। 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी आधारशिला रखी। 9 दिसंबर 2024 को इंडिगो की पहली टेस्ट फ्लाइट सफल रही। और आज 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसका भव्य उद्घाटन किया गया।
यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार की विकास यात्रा का एक और बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। जेवर एयरपोर्ट न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगा।

