एडीएम सिटी आलोक वर्मा का स्थानांतरण

एडीएम सिटी आलोक वर्मा का स्थानांतरण

•यूपी में पीसीएस अधिकारियों का बड़ा फेरबदल, वाराणसी के कई अफसर बदले गए
•नगर निगम, प्रशासन और विकास प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के तबादले चर्चा में

rajeshswari

लखनऊ/वाराणसी(जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश शासन ने गुरुवार देर रात बड़े पैमाने पर पीसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण करते हुए 68 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में वाराणसी से जुड़े कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कई नए अधिकारी वाराणसी में तैनात किए गए हैं। शासन के इस कदम को प्रशासनिक कसावट और कार्यक्षमता बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

वाराणसी में तैनात रहे अपर जिलाधिकारी, अपर नगर आयुक्त और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले सबसे अधिक चर्चा में हैं। नगर निगम, विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किए गए हैं।

वाराणसी से जुड़े प्रमुख स्थानांतरण

  • आलोक कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी (नगर), वाराणसी को मुख्य राजस्व अधिकारी, सुलतानपुर बनाया गया है।
  • विपिन कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वाराणसी को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), इटावा भेजा गया है।
  • पंकज कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अलीगढ़ को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वाराणसी की जिम्मेदारी दी गई है।
  • राजेश कुमार-6, अपर जिलाधिकारी (नगर), कानपुर नगर को अपर जिलाधिकारी (नगर), वाराणसी नियुक्त किया गया है।
  • दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम गोरखपुर को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी बनाया गया है।
  • संगम लाल, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), एटा भेजा गया है।
  • सविता, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज नियुक्त किया गया है।
  • अनु कुमार, संयुक्त निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी की जिम्मेदारी मिली है।
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प्रशासनिक और नगरीय व्यवस्था पर असर:

वाराणसी नगर निगम और जिला प्रशासन में हुए इन बदलावों का सीधा असर शहर की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, विकास परियोजनाओं और नगरीय व्यवस्थाओं पर पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से नगर निगम में एक साथ कई अधिकारियों के बदलाव को आगामी परियोजनाओं और स्मार्ट सिटी कार्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार शासन ने उन जिलों और विभागों में विशेष ध्यान दिया है जहां विकास कार्य, राजस्व व्यवस्था और शहरी प्रबंधन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण यहां प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्रिय और परिणाम आधारित बनाने की कोशिश मानी जा रही है।

कई विकास प्राधिकरणों और नगर निगमों में भी बदलाव:

फेरबदल के तहत प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, लखनऊ, कानपुर और झांसी समेत कई नगर निगमों तथा विकास प्राधिकरणों में सचिव, अपर आयुक्त और अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। शासन ने कई अधिकारियों को विकास प्राधिकरणों से हटाकर जिला प्रशासन में भेजा है, जबकि कुछ को नगर निगमों और विशेष संस्थानों में तैनात किया गया है.

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बड़े तबादला आदेश को आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि शासन कानून-व्यवस्था, शहरी विकास, राजस्व व जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव कर रहा है।

Shiv murti

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