बीएचयू परिसर में पीपल के पेड़ों की पूजा पर विवाद, जांच की उठी मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में खराब और सूखे पीपल के पेड़ों की पूजा किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और जांच की मांग उठने लगी है।

जानकारी के अनुसार, एक कर्मचारी द्वारा सूखे पीपल के पेड़ पर धार्मिक तरीके से पूजा-अर्चना किए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसके बाद कुछ लोगों ने इसे अंधविश्वास से जोड़ते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी ने परिसर में कई स्थानों पर पेड़ों में धागा बांधकर पूजा की थी। इसको लेकर कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि पेड़ों में धागा बांधने और दीप जलाने से नुकसान होने की आशंका रहती है।
हालांकि, कुछ महिलाओं ने शनिवार को वट सावित्री व्रत के अवसर पर पूजा किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि यह धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मामले को लेकर परिसर में आस्था और वैज्ञानिक सोच के बीच बहस छिड़ गई है।

