मानसून की राह देख रहा बनारस, भीषण गर्मी से बेहाल लोग; 28 जून के बाद राहत के संकेत
वाराणसी (जनवार्ता)। देर रात हुई हल्की बारिश के बावजूद वाराणसी में गर्मी और उमस का प्रकोप जारी है। बुधवार सुबह शहर का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव रात में हुई हल्की वर्षा का प्रभाव है।

शहर में सुबह करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं, जबकि आर्द्रता का स्तर 49 प्रतिशत दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 जून तक गर्म और शुष्क हवाओं का असर बना रहेगा तथा कई स्थानों पर लू जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
मौसम विभाग ने 28 जून के बाद मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है और इसी के साथ मानसून के पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की उम्मीद है।
वाराणसी पिछले एक सप्ताह से देश के सबसे गर्म शहरों में लगातार शामिल रहा है। शहर कभी दूसरे तो कभी चौथे स्थान पर रहा। मंगलवार को वाराणसी देश का तीसरा सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा के आसपास पड़ रही हैं, जो वाराणसी से लगभग 210 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी वजह से क्षेत्र में सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दस वर्षों में यह पहला अवसर है जब जून के अंतिम सप्ताह तक भी मानसून वाराणसी नहीं पहुंचा है। सामान्यतः इस समय तक मानसून का प्रभाव क्षेत्र में दिखाई देने लगता है और वर्षा की शुरुआत हो जाती है।
दिनभर करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं। नमी का स्तर 50 प्रतिशत तक पहुंचने से लोगों को भीषण उमस का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

