UPSSSC परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का STF ने किया भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल कराने वाले संगठित गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के दो मुख्य सरगना फरार हो गए। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

STF के अनुसार, गिरोह अभ्यर्थियों से 4 से 5 लाख रुपये लेकर परीक्षा में पास कराने का ठेका लेता था। इसके लिए माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता था। गिरोह का संचालन प्रयागराज से किया जा रहा था, जबकि वाराणसी के एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा तथा हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिनी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को डिवाइस लगाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी।
छापेमारी के दौरान STF ने 11 मोबाइल फोन, 4 माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 2 प्रिंटर, 2 प्रवेश पत्र, 2 प्रश्नपत्र और 2 OMR शीट बरामद की हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल अपने भाई कप्तान सिंह पटेल और अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र सॉल्वरों तक पहुंचाया जाता और माइक्रो डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर बताए जाते थे। इसके बदले सॉल्वरों को 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे।
पूछताछ में गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह को लाखों रुपये दिए थे। एक अभ्यर्थी ने 5 लाख रुपये, जबकि दूसरे ने 5 लाख रुपये (3.75 लाख ऑनलाइन और 1.25 लाख नकद) देने की बात कबूल की।
STF ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गिरोह के दो प्रमुख सदस्य शिवजीत पटेल और राजेंद्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव फरार हो गए। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध सिगरा और कोतवाली थानों में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। STF का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

