डॉ. राममनोहर लोहिया के विचार आज भी सामाजिक न्याय और समानता के लिए प्रासंगिक
वाराणसी (जनवार्ता) । डॉ. राममनोहर लोहिया पीजी कॉलेज, भैरव तालाब में समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रखर समाज सुधारक डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह तोयज ने डॉ. लोहिया के विचारों और आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनके सिद्धांत समाज को नई दिशा देने वाले हैं। वहीं, प्राचार्या प्रोफेसर सुमन लता सिंह ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया ने सामाजिक समानता, आर्थिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका मानना था कि सामाजिक असमानताओं को दूर किए बिना समतामूलक और न्यायपूर्ण राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है। उनके विचार आज भी समान अवसर, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की स्थापना के लिए प्रासंगिक हैं।
श्रद्धांजलि सभा में युवाओं की सामाजिक भूमिका पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, सामाजिक उत्तरदायित्व, समानता की भावना और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। डॉ. लोहिया का जीवन अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रबंधक तोयज कुमार सिंह के संरक्षण तथा प्राचार्या प्रोफेसर सुमनलता देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

