काशी अन्नपूर्णा ट्रस्ट ने छात्राओं को बांटी सिलाई मशीनें और लैपटॉप
आत्मनिर्भरता को मिली नई उड़ान
वाराणसी। धर्म और सेवा की नगरी काशी में काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट ने अन्नदान के साथ-साथ बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की है। ट्रस्ट की ओर से संचालित सिलाई-कढ़ाई एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र के 15वें सत्रान्त के अवसर पर बुधवार को आर्य महिला पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, चेतगंज में सिलाई मशीन, लैपटॉप एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह-2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाली सैकड़ों छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मेधावी छात्राओं को लैपटॉप और जरूरतमंद छात्राओं को निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं को जब आत्मनिर्भर बनने के लिए सिलाई मशीनें और कंप्यूटर शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए लैपटॉप मिले, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। ट्रस्ट की इस पहल का उद्देश्य बेटियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित करना है।
बेटियों को हुनरमंद बनाना सच्ची राष्ट्र सेवा : नीलकंठ तिवारी
समारोह के मुख्य अतिथि शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बेटियों को हुनरमंद बनाना ही सच्ची राष्ट्र सेवा है। काशी अन्नपूर्णा ट्रस्ट पिछले 15 वर्षों से जिस निष्ठा के साथ बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहा है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सरकार भी ऐसे प्रयासों के साथ खड़ी है, जो महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके भविष्य को बेहतर करने में सहायक हैं।
अन्नदान के साथ स्वावलंबन का दान भी महत्वपूर्ण : महंत शंकरपुरी
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत शंकरपुरी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि अन्नपूर्णा की नगरी काशी में अन्न के साथ संस्कार और स्वावलंबन का दान भी सबसे बड़ा दान है। छात्राओं को दी गई सिलाई मशीनें केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उनके और उनके परिवारों के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। इनकी मदद से बेटियां अपने हुनर को रोजगार में बदलकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
उन्होंने ट्रस्ट की ओर से संचालित प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से छात्राओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की पहल को समाज के लिए उपयोगी बताया।
गणमान्य लोगों ने छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रस्ट के प्रशासक के. जनार्दन शर्मा, ट्रस्टी आशीष जिंदल, प्रो. रामनारायण द्विवेदी तथा आर्य महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्या रचना दुबे सहित शशिकांत दीक्षित ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर ट्रस्ट के एक सदस्य के पुत्र के निधन पर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। आयोजन को सफल बनाने में काशी मिश्रा, प्रदीप श्रीवास्तव, राकेश तोमर सहित अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।
काशी अन्नपूर्णा ट्रस्ट की यह पहल धार्मिक सेवा के साथ सामाजिक दायित्व का भी उदाहरण बनी, जहां जरूरतमंद बेटियों को शिक्षा, कौशल और स्वावलंबन के साधन उपलब्ध कराकर उनके बेहतर भविष्य की राह मजबूत करने का प्रयास किया गया।

