एयर शो देखने में घाटों पर नहीं उमड़ी उम्मीद के मुताबिक भीड़
डोमरी, कटेसर और कोदोपुर घाट पर सुबह से जुटने लगे थे दर्शक, ट्रेनी महिला आईपीएस श्रुति ओला भी पिता को दिखाने पहुंचीं शो
रामनगर। भारतीय वायुसेना के एयर शो को देखने के लिए गुरुवार सुबह नौ बजे से ही डोमरी, कटेसर और कोदोपुर घाट की ओर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाओं, बच्चों और पुरुषों में लड़ाकू विमानों के करतब देखने को लेकर उत्साह था, लेकिन प्रशासन की तैयारियों और भीड़ जुटने के अनुमान के अनुरूप घाटों पर दर्शकों की संख्या नहीं पहुंची। स्थानीय स्तर पर अनुमान लगाया गया कि तीनों घाटों के आसपास पांच हजार से भी कम लोग मौजूद रहे।


एयर शो को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। घाटों से लेकर सतुआ बाबा आश्रम तक विशाल मैदान में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अलग-अलग हिस्सों में बैरिकेडिंग भी की गई थी, लेकिन इन व्यवस्थाओं का अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो सका। दूसरी ओर, पुलिस की चप्पे-चप्पे पर तैनाती, साफ-सफाई और सुरक्षा इंतजामों की लोगों ने सराहना की।

धूप और धूल से परेशान हुए दर्शक
तेज धूप और धूल के कारण कई लोग खुले मैदान में बैठने के बजाय पेड़ों की छांव में खड़े होकर एयर शो देखते रहे। घाटों से सटे मकानों की छतों पर भी लोगों की भीड़ रही। आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई देते ही लोग मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। शो समाप्त होने के बाद भी छोटे बच्चे आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे।
कई परिवार बच्चों के साथ खाने-पीने का सामान और चटाई लेकर पहुंचे थे। उनके लिए एयर शो किसी पिकनिक से कम नहीं था। आसपास के कुछ कारोबारियों ने भी दुकानें बंद कर परिवार के साथ शो देखने का फैसला किया।
भीड़ की उम्मीद में दुकानें लगाईं, बिक्री रही बेहद कम
एयर शो के दौरान घाटों के आसपास पान, गुटखा, सिगरेट, समोसा, चाट और बोतलबंद पानी की दर्जनों दुकानें लगाई गई थीं। दुकानदारों को उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे और बिक्री अच्छी होगी। लेकिन भीड़ कम होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। कुछ दुकानों पर सामान ऊंचे दामों पर बेचे जाने की भी चर्चा रही।
कोदोपुर घाट के ऊपर चाट और पानी की दुकान लगाने वाले पतालू यादव ने बताया कि वह किला के पास दुकान चलाते हैं। एयर शो में भारी भीड़ आने की उम्मीद में उन्होंने करीब 20 हजार रुपये का बोतलबंद पानी और चाट का सामान लगाया था। इसके बावजूद पानी की केवल एक पेटी बिक सकी। बिक्री कम होने से उन्हें नुकसान की चिंता सताने लगी।
‘मालूम रहता कि जहाज इधर से उधर जाएंगे तो आते ही नहीं’
एयर शो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। कुछ दर्शकों को उम्मीद थी कि गंगा के ऊपर एक साथ कई लड़ाकू विमान लगातार करतब दिखाएंगे। शो देखने के बाद कुछ लोग निराशा जताते हुए कहते नजर आए, ‘हमें मालूम रहता कि जहाज इधर से उधर जाएंगे तो हम आते ही नहीं।’
वहीं, कई लोगों ने विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज करतब देखकर खुशी जाहिर की। कुछ महिलाओं में यह भ्रम भी रहा कि एयर शो केवल नमो घाट से ही दिखाई देगा। इस कारण उन्होंने घरों की छतों से ही प्रदर्शन देखने का विकल्प चुना।
पिता को एयर शो दिखाने पहुंचीं ट्रेनी महिला आईपीएस
एयर शो देखने वालों में ट्रेनी महिला आईपीएस श्रुति ओला भी शामिल रहीं। वह अपने पिता सुरेंद्र कुमार के साथ कटेसर स्थित जीत अपार्टमेंट से घाट पर पहुंचीं। उनके पिता ने बताया कि वे अपार्टमेंट की छत से भी एयर शो देख सकते थे, लेकिन बेटी ने उनसे कहा कि चलिए, पापा आपको घाट पर ले जाकर शो दिखाती हूं। इसके बाद दोनों घाट पर पहुंचे। श्रुति ओला को प्रशिक्षण के लिए आगे अकादमी जाना है।
सुरक्षा के लिए पुलिस और एनडीआरएफ तैनात
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ एनडीआरएफ के जवान भी तैनात रहे। ड्यूटी के लिए कई जिलों से पुलिसकर्मी बुलाए गए थे। लंबे समय तक ड्यूटी करने के कारण कुछ जवान थके हुए भी नजर आए।
एयर शो को लेकर सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी अपेक्षाकृत कम रही। लोगों में आशंका थी कि कहीं रास्ते में वाहनों को रोक न दिया जाए। सामनेघाट पुल से चार पहिया वाहनों के आवागमन को लेकर भी लोगों के बीच असमंजस बना रहा। इस कारण कई लोगों ने घर से वाहन लेकर निकलने से परहेज किया।
कुल मिलाकर, घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम दिखाई दिए, लेकिन दर्शकों की संख्या उम्मीद से कम रहने के कारण दुकानदारों को निराशा हाथ लगी। हालांकि, आसमान में लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन ने वहां मौजूद बच्चों और अन्य दर्शकों में खासा उत्साह पैदा किया।

