वाराणसी में स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प, दोबारा मतदान की मांग
सपा नेताओं ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
वाराणसी। स्नातक विधान परिषद चुनाव के दौरान शुक्रवार को वाराणसी की सदर तहसील स्थित मतदान केंद्र पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। दोपहर करीब एक बजे हुए हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की बात सामने आई। घटना के बाद चुनावी माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मामले की जांच कराने और चुनाव निरस्त कर दोबारा मतदान कराने की मांग उठाई।


भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा मतदान केंद्र के अंदर जाकर मतदाताओं से वोट मांग रहे थे। उन्होंने इसे चुनाव नियमों के विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई। वहीं, सपा नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रत्याशी के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच विवाद के दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने घटना की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मतदान केंद्र पर वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की पुष्टि होती है, तो चुनाव निरस्त कर दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप भी लगाया।
चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर विवाद करने और पुलिसकर्मियों के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है। उनके मुताबिक, भाजपा को हार की आशंका होने पर इस तरह के विवाद सामने आते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि मतदान केंद्र के अंदर मतदाताओं से वोट मांगने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से चुनावी सरगर्मी बढ़ गई।
फिलहाल, घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रशासन की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों के बयान और मतदान केंद्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच महत्वपूर्ण होगी।

