Tuesday, December 6, 2022
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डेढ़ दशक बाद भी अधिवक्ताओं को नहीं मिला न्याय

वाराणसी | कचहरी बम ब्लास्ट की बुधवार को 15वीं बरसी है। हालांकि इन डेढ़ दशक में अधिवक्ताओं को न्याय नहीं मिल पाया। 23 नवंबर 2007 की दोपहर सिविल व कलक्ट्रेट में दो स्थानों पर हुई आतंकवादी घटना में तीन अधिवक्ता समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी। अधिवक्ता भोलानाथ सिंह, ब्रह्मदेव शर्मा, बुधिराम वर्मा, एक दुकानदार, एक मुंशी, पॉलिश करने वाले बच्चे समेत नौ लोगों के चिथड़े उड़ गए थे। 

उस बम धमाके में वशिष्ठ नारायण मिश्र समेत कई अधिवक्ता अपंग हो गए और 50 से अधिक घायल हुए थे। उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी अधिवक्ता सहम उठते हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार कितनों के घर और जमीन इलाज कराने में बिक गए। पीड़ितों की मदद की तमाम घोषणाएं हुईं लेकिन समय बीतने के साथ घोषणाएं सिर्फ कागजी रह गईं।  

अधिवक्ताओं के अनुसार इस घटना के बाद मुंबई और अमेरिका में हुए ब्लास्ट के अभियुक्तों को फांसी तक दे गई लेकिन इतने बड़े आतंकी घटना पर अब तक कुछ ठोस नहीं हो सका। पहली घटना सिविल कोर्ट परिसर में हुई उसके पांच मिनट के अंतराल पर ही कलक्ट्रेट में हो गई। हालात यह था कि बम ब्लास्ट की आवाज सुनते ही तत्कालीन कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण बिना पैर में जूते के ही मौके पर दौड़ते हुए पहुंचे थे। तत्कालीन एसएसपी शिरोडकर, जिला जज समेत तमाम उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने में जुटे थे। और कई घोषणाओं के साथ त्वरित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना एटीएस को सौंप दी गई। 

सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन ने बुधवार को पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया है। इस दौरान शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा होगी। 

अधिवक्ताओं ने कहा कि कचहरी सुरक्षा को लेकर तमाम योजनाएं बनीं, कुछ पर अमल हुआ और कुछ पर काम ही नहीं हुआ। अभी भी कलक्ट्रेट में बगैर रोक टोक के मेटल डिटेक्टर से लोग प्रवेश करते हैं। घटना के बाद सिविल कोर्ट में एक हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुआ था। उसका भी खुलासा नहीं हुआ। इस परिसर में वाहनों के प्रवेश पर रोक के साथ आने जाने वालों को मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ता है फिर भी प्रर्याप्त चौकसी बरते जाने की अभी भी आवश्यकता है।

बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय के नेतृत्व में मंगलवार शाम अधिवक्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। सभागार से निकला मार्च गोलघर चौराहा होकर पुन: लौटा। शहीद भोलानाथ सिंह, ब्रह्म प्रकाश शर्मा, बुद्धिराज पटेल को श्रद्धांजलि दी। सभा में नृपेन्द्र सिंह नन्हे, अमित सिंह, विजय जायसवाल, दीप दर्शन, सत्य प्रकाश सिंह, सुनील आदि रहे।

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