झारखंड : मुठभेड़ में 1 करोड़ के इनामी नक्सली समेत 15 माओवादी ढेर
झारखंड (जनवार्ता) । पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ ने नक्सलवाद विरोधी अभियान को नई मजबूती प्रदान की है। इस ऑपरेशन ‘मेघाबुरु’ (या मेगाबुरु) में झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट और जगुआर फोर्स की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। मुठभेड़ किरीबुरु या छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमड़ी इलाके के पास शुक्रवार को सुबह करीब 6:15 बजे शुरू हुई और कई घंटों तक चली।

इस कार्रवाई में भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य (CCM) और 1 करोड़ रुपये के इनामी प्रमुख नेता अनल दा उर्फ पतिराम मांझी को मार गिराया गया। अनल दा 1987 से सक्रिय थे और उनके खिलाफ हत्या, विस्फोट, हथियार लूट तथा सुरक्षा बलों पर हमलों जैसे 149 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। उनके सिर पर झारखंड में 1 करोड़, ओडिशा में 1.20 करोड़ और एनआईए से 15 लाख रुपये सहित कुल 2.35 करोड़ का इनाम था।
मारे गए अन्य प्रमुख नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (25 लाख इनामी), अमित मुंडा (15 लाख इनामी), पिंटू लोहर, लालजीत उर्फ लालू जैसे सदस्य शामिल थे। कुल 15 शव बरामद हुए, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है—इनमें 5 महिलाएं भी थीं। मुठभेड़ के बाद बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री भी बरामद हुई। यह झारखंड में एक ही एनकाउंटर में सबसे ज्यादा नक्सलियों के शव बरामद होने वाली घटना मानी जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता की सराहना की और एक्स पर पोस्ट किया कि यह अभियान नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत का संकल्प दोहराया और बाकी कैडर से सरेंडर करने की अपील की।
पुलिस के अनुसार, झारखंड में अब केवल 60-65 नक्सली बचे हैं, जो मुख्य रूप से सिंहभूम क्षेत्र में सीमित हैं। यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक झटका साबित हुआ है और राज्य को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्शाता है।

