ग्रेटर नोएडा : एसटीएफ ने फर्जी RAW अधिकारी किया गिरफ्तार
महिला जज को भी बनाया शिकार

ग्रेटर नोएडा (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश STF की नोएडा यूनिट ने बुधवार तड़के एक सनसनीखेज गिरफ्तारी की है। खुद को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का वरिष्ठ अधिकारी बताने वाला सुनीत कुमार ग्रेटर नोएडा की पॉश पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से फर्जी RAW आई-कार्ड के अलावा 20 चेकबुक, 8 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 5 पैन कार्ड, 3 वोटर आईडी कार्ड, 2 आधार कार्ड और ढेर सारे जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि सुनीत कुमार ने RAW अधिकारी बनकर एक महिला जज को भी अपने जाल में फंसाया और उनसे धोखे से शादी रचा ली थी। इसके अलावा उसके लैपटॉप और टैबलेट से दिल्ली में हाल ही में हुए संदिग्ध विस्फोटों से जुड़े कई वीडियो मिले हैं, जिसके बाद खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं।
STF के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि कोई शख्स कभी मेजर अमित तो कभी RAW डायरेक्टर बनकर ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों में घूम रहा है। दिल्ली में कार धमाके के बाद अलर्ट के चलते टीम ने तुरंत ऐक्शन लिया। बुधवार सुबह पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट के एक फ्लैट पर छापा मारा गया।
फ्लैट पर मौजूद घरेलू सहायिका ने दरवाजा खोला, थोड़ी देर बाद सुनीत कुमार वहां पहुंचा। तलाशी लेते ही उसका पर्स से फर्जी RAW आई-कार्ड बरामद हो गया। RAW मुख्यालय से तुरंत क्रॉस चेक कराया गया तो पता चला कि ऐसा कोई अधिकारी उनके पास है ही नहीं। सुनीत को नंगे पांव ही हिरासत में ले लिया गया और फ्लैट की तलाशी में भारी मात्रा में जाली दस्तावेज, चेकबुक और बैंक कार्ड मिले।
पुलिस का कहना है कि सुनीत लंबे समय से फर्जी कंपनियां खोलकर लोगों से ठगी कर रहा था। वह अलग-अलग नामों और पहचान से लोगों को ठगता था। महिला जज से शादी का मामला सामने आने के बाद कई और पीड़ितों के सामने आने की आशंका है।
आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है। सभी बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की गहन जांच जारी है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि RAW, IB या आर्मी अधिकारी बनकर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली विस्फोट के वीडियो मिलने से यह मामला और भी गंभीर हो गया है। STF ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अगर खुद को खुफिया एजेंसी या सेना का अधिकारी बताए तो उसकी पहचान जरूर जांच लें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल जांच तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

