ईरान : भारत ने नागरिकों से की तुरंत देश छोड़ने की अपील
तेहरान/नई दिल्ली : ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। आर्थिक संकट, महंगाई और मुद्रा के रिकॉर्ड गिरावट के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन अब पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं और सत्ता-विरोधी नारों के साथ शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर हो रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई से 2,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। कुछ अनुमानों में यह आंकड़ा 2,500 से भी ऊपर बताया जा रहा है, जबकि इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण सटीक जानकारी जुटाना मुश्किल हो गया है। हजारों लोग गिरफ्त में हैं और देश में संचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि उपलब्ध सभी माध्यमों (वाणिज्यिक उड़ानों सहित) से जल्द से जल्द स्वदेश लौटें या सुरक्षित स्थानों पर जाएं।
दूतावास की ओर से जारी सलाह में कहा गया है:
– प्रदर्शन या अशांत क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहें।
– यात्रा और पहचान के दस्तावेज (पासपोर्ट, आईडी) हमेशा साथ रखें।
– किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क बनाए रखें।
– स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करें और मीडिया पर नजर रखें।
भारत सरकार ने पहले भी गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी, लेकिन अब स्थिति और बिगड़ने पर तत्काल निकासी पर जोर दिया जा रहा है। अनुमान है कि ईरान में करीब 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं।
ईरान में ये प्रदर्शन आर्थिक संकट से शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ खुली चुनौती बन चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया है और कहा है कि “मदद रास्ते में है”।
स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में घटनाक्रम और तेज हो सकते हैं। भारतीय नागरिकों से अपील है कि वे तुरंत दूतावास के संपर्क में रहें और सतर्कता बरतें।

