हैचबैक छोड़ SUV पर टूट रहे Indians;4 साल में दोगुना हुआ मार्केट शेयर

हैचबैक छोड़ SUV पर टूट रहे Indians;4 साल में दोगुना हुआ मार्केट शेयर
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नई दिल्ली। कभी छोटी कारों का जो बोलबाला हुआ करता था,वैसा बोलबाला अब SUV का है। पिछले चार सालों में एसयूवी का मार्केट शेयर लगभग दोगुना हुआ है। इसके साथ ही, FY2023-24 के दौरान भारतीय कार बाजार में एसयूवी का मार्केट शेयर 50% से ज्यादा रहा। यह पहला मौका है जब पूरे साल एसयूवी मार्केट शेयर 50% से ज्यादा रहा।

वहीं, हैचबैक कारें, जो कभी भारतीय कार खरीदारों की पहली पसंद हुआ करती थीं और देश में बिकने वाली हर दूसरी कार हैचबैक हुआ करती थी, उनकी बाजार हिस्सेदारी घटकर लगभग 28% रह गई है। इसका एक बड़ा कारण SUV की बढ़ती पॉपुलैरिटी है। पिछले कुछ सालों में हैचबैक की कीमतें 65% तक बढ़ी हैं। यह भी हैचबैक की बिक्री के कम रहने का एक कारण हो सकता है।

मारुति सुजुकी के एग्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ”हम यहां से एसयूवी की हिस्सेदारी लगभग 55% या उसके आसपास बढ़ते हुए देख रहे हैं जबकि हैचबैक लगभग 25% पर स्थिर हो सकती हैं।” बाजार में हैचबैक से एसयूवी की ओर ये बदलाव इतना तेजी से हुआ है कि कभी सबसे किफायती छोटी कारों के लिए जानी जाने वाली मारुति सुजुकी की अब कुल बिक्री का लगभग 22% हिस्सा SUV से आता है।

जबकि वित्त वर्ष 2023 के आखिर में मारुति सुजुकी की कुल बिक्री में SUV की हिस्सेदारी मात्र 11% थी। हैचबैक कारों की बिक्री तो कम हुई ही है, लेकिन सेडान कारों का हाल और भी बुरा हुआ है। वित्त वर्ष 24 में इनकी बिक्री गिरकर सिर्फ 9% रह गई है जबकि FY20 के अंत में ये आंकड़ा 14।3% था। यानी, चार सालों में ही सड़ान कारों की बिक्री में आधे से ज्यादा की गिरावट आई है।

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गौरतलब है कि एसयूवी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां भी एसयूवी पर दांव लगा रही हैं। इतना ही नहीं, लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियां, जैसे ऑडी और मर्सिडीज-बेंज भी नई SUV लॉन्च करने पर ध्यान दे रही हैं।


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