आगरा: जलती चिता से निकाला युवती का शव
लिव-इन पार्टनर पर हत्या का आरोप
आगरा (जनवार्ता)। किरावली क्षेत्र के जाजऊ गांव में एक संदिग्ध मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने जल रही चिता से 21 वर्षीय युवती सना का अधजला शव निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। युवती पिछले पांच वर्षों से अजीत सिंह नामक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।

मृतका सना मुस्लिम समुदाय से थीं, जबकि अजीत सिंह हिंदू हैं। सना के पिता निजाम (किरावली निवासी) ने आरोप लगाया है कि अजीत ने पांच साल पहले उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर घर से भगा लिया था। इसके बाद दोनों जाजऊ गांव में साथ रहने लगे। पिता का दावा है कि अजीत ने सना का धर्म परिवर्तन कराया और बाद में उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। वे कहते हैं, “आरोपी नियमित रूप से मारपीट करता था और बुधवार को पीट-पीटकर हत्या कर दी। फिर साक्ष्य मिटाने के लिए बिना परिवार को सूचना दिए चुपके से अंतिम संस्कार करने की कोशिश की।”
घटना के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3 बजे सना की मौत हो गई। अजीत सिंह ने ग्रामीणों की मदद से शव को गांव के श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार शुरू कर दिया। परिवार को सूचना मिलते ही उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस को सूचित किया।
पुलिस मौके पर पहुंची और जलती चिता पर पानी डालकर आग बुझाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। अजीत सिंह को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
फतेहपुर सीकरी थाना प्रभारी आनंदवीर सिंह ने बताया, “प्रारंभिक जानकारी में आरोपी पक्ष का दावा है कि युवती लंबे समय से बीमार थी और मौत बीमारी (टीबी जैसी) के कारण हुई। वहीं, परिवार ने हत्या, नाबालिग अवस्था में भगाने, धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।”
पुलिस ने मामले में आईपीसी की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है, जिसमें हत्या, अपहरण और अन्य संबंधित धाराएं शामिल हो सकती हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

