आजमगढ़: पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़ में एक गोतस्कर गिरफ्तार
आजमगढ़। जिले के थाना अहरौला क्षेत्र में पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बदमाश घायल होकर गिरफ्तार हो गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। पुलिस ने बदमाश के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल बरामद की है।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में रात्रि गश्त के दौरान सुबह करीब 2:40 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम तरकूलहा की ओर से दो गोतस्कर गोवध की नीयत से जा रहे हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम तरकूलहा के पास घेराबंदी कर बदमाशों को रोकने का प्रयास किया।
बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसमें एक बदमाश जाकिर उर्फ शैफ (38 वर्ष), पुत्र स्व. रफीक कुरैशी, निवासी कुरैशी टोला माहुल, थाना अहरौला को दाहिने पैर में गोली लगी। वह हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ गोतस्करी, हत्या, गैंगस्टर सहित कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। उसका साथी दिलशाद उर्फ लालू फरार हो गया।
घायल बदमाश को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी फूलपुर से सदर अस्पताल आजमगढ़ रेफर किया गया है। फरार बदमाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दबिश दे रही हैं।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने बदमाश के कब्जे से एक तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस .315 बोर, दो जिंदा कारतूस .315 बोर और एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बिना नंबर प्लेट के साथ बरामद की है।
पूछताछ में जाकिर ने बताया कि वह और उसका साथी देर रात सुनसान जगहों से छूट्टे गोवंश चुराकर गोवध करते थे। मांस को काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे, जबकि अवशेष नदी या नालों में फेंक देते थे या जमीन में गाड़ देते थे। वे कभी-कभी गोवंशों को वाहनों पर लादकर बिहार जैसे अन्य राज्यों में ले जाकर बेचते थे। दोनों पूर्व में भी कई बार गिरफ्तार हो चुके हैं और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए स्थान बदल-बदलकर अपराध करते थे।
घायल बदमाश जाकिर उर्फ शैफ के खिलाफ कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गोवध निवारण अधिनियम, हत्या (धारा 302 भादवि), यूपी गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।
मुठभेड़ में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र, उ.नि. यश सिंह पटेल, उ.नि. नितेश कुमार चौबे सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

