चंडीगढ़ में किताबों का संकट: ₹3.75 करोड़ खर्च के बावजूद 117 सरकारी स्कूलों में नहीं पहुंचीं NCERT पुस्तकें, 35 हजार छात्र प्रभावित

चंडीगढ़ में किताबों का संकट: ₹3.75 करोड़ खर्च के बावजूद 117 सरकारी स्कूलों में नहीं पहुंचीं NCERT पुस्तकें, 35 हजार छात्र प्रभावित

चंडीगढ़, (जनवार्ता)। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ चंडीगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में किताबों का गंभीर संकट सामने आया है। नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस में बदलाव के बाद एनसीईआरटी की नई पुस्तकें समय पर स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं। स्थिति यह है कि शिक्षा विभाग करीब ₹3.75 करोड़ का भुगतान करने के बावजूद छात्रों को किताबें उपलब्ध नहीं करा पाया है।

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इसका सबसे अधिक असर कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के करीब 35 हजार विद्यार्थियों पर पड़ा है, जो बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षक फिलहाल एनसीईआरटी की वेबसाइट से पीडीएफ डाउनलोड कर पढ़ाई करा रहे हैं, जबकि कई जगह स्वयं नोट्स तैयार कर कक्षाएं ली जा रही हैं।


शहर के 117 सरकारी स्कूलों में इन कक्षाओं के छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। इस सत्र से प्रशासन ने 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था, लेकिन सत्र शुरू होने के बाद भी वितरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पहले छात्र बाजार से किताबें खरीद लेते थे, लेकिन इस बार मुफ्त वितरण के फैसले के चलते पूरी व्यवस्था शिक्षा विभाग पर निर्भर हो गई। देरी के कारण संकट और गहरा गया। इसका असर निजी schools पर भी पड़ा है, जहां नए सिलेबस की कई विषयों की पुस्तकें बाजार में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं।


किताबें न मिलने के कारण शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि शुरुआती चार अध्यायों की फोटोकॉपी छात्रों को उपलब्ध कराई जाए। शिक्षक एनसीईआरटी की वेबसाइट से अध्ययन सामग्री डाउनलोड कर पढ़ा रहे हैं। कई स्कूलों में शिक्षक खुद नोट्स तैयार कर पढ़ाई कराने को मजबूर हैं, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है।

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बताया जा रहा है कि सिलेबस में बदलाव का फैसला दिसंबर-जनवरी में देर से लिया गया, जिसके कारण किताबों की छपाई और सप्लाई प्रक्रिया भी देर से शुरू हुई। इसी वजह से समय पर पुस्तकें स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं।
चंडीगढ़ के डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर देवेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने किताबों का ऑर्डर और भुगतान समय पर कर दिया था तथा सप्लाई एजेंसियों से लगातार संपर्क में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 10 से 15 दिनों में सभी स्कूलों में किताबें पहुंच जाएंगी।

Shiv murti

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