भदोही : सेमराधनाथ धाम को प्रयागराज-वाराणसी सर्किट में शामिल करने की मांग
भदोही । जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सेमराधनाथ धाम को आधिकारिक रूप से पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सेमराधनाथ धाम को पर्यटन मानचित्र पर स्थान देने और इसे प्रयागराज-वाराणसी पर्यटन सर्किट में शामिल करने का अनुरोध किया है।


यह पहल भदोही जिले के लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं भदोही प्रभारी कमलेश तिवारी (कमल) के अनुरोध पर आधारित है। कमलेश तिवारी ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था, जिसे संज्ञान में लेते हुए चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
सेमराधनाथ धाम, जो गोपीगंज के निकट सेमराध गांव में स्थित है, अपनी पौराणिक महत्व और अनूठी विशेषता के लिए जाना जाता है। यहां भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग एक कुंड (कुएं) के भीतर स्वयंभू रूप में विराजमान है, जो इसे अन्य शिव मंदिरों से अलग बनाता है। यह धाम काशी और प्रयाग के मध्य स्थित होने के कारण धार्मिक यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। सावन, महाशिवरात्रि, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन में कांवरियों का जलाभिषेक और कल्पवास का आयोजन भी होता है।
यदि सेमराधनाथ धाम को पर्यटन स्थल घोषित कर दिया जाता है और इसे प्रयागराज-वाराणसी सर्किट में जोड़ा जाता है, तो इससे धार्मिक पर्यटन को नया बल मिलेगा। स्थानीय स्तर पर व्यापार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं में वृद्धि होगी, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस पहल पर खुशी जताते हुए कमलेश तिवारी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे। भदोही जिले के लोक जनशक्ति पार्टी के अन्य पदाधिकारी जैसे प्रदेश संगठन महामंत्री धनंजय दुबे, जिला अध्यक्ष विकास दुबे, राहुल तिवारी, गोविंद पासवान, सुरज गुप्ता सहित सभी कार्यकर्ताओं ने भी इस कदम का स्वागत किया है और चिराग पासवान के प्रति क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की है।
यह प्रस्ताव भदोही के लिए विकास और धार्मिक महत्व दोनों की दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

