प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद समेत चार पर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
प्रयागराज (जनवार्ता)। कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद समेत चार लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को शामिल किया है, जबकि तीन अन्य को अज्ञात बताया गया है।
मामला उस समय सामने आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने विशेष न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि दो नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों नाबालिगों ने कैमरे के सामने बयान दर्ज कराए और बताया कि महाकुंभ 2025 तथा माघ मेला 2026 के दौरान उनके साथ कई बार जबरन दुष्कर्म हुआ। विरोध करने पर उन्हें डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया कि 24 जनवरी को झूंसी थाने में तहरीर दी गई थी। इसके बाद 25 जनवरी को पुलिस आयुक्त और 27 जनवरी को पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) को भी प्रार्थना पत्र सौंपा गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई।
शनिवार को विशेष अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के कुछ ही घंटों के भीतर झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया।
झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय के आदेश पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


