रमजान में मुस्लिम खजूर से ही क्यों खोलते हैं रोजा? जानें इसका वैज्ञानिक कारण

रमजान में मुस्लिम खजूर से ही क्यों खोलते हैं रोजा? जानें इसका वैज्ञानिक कारण

नई दिल्ली। रमजान का पावन महीना चल रहा है और इस दौरान दुनियाभर के मुसलमान 30 दिनों तक रोजा रखते हैं। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग रमजान के दौरान सुबह सेहरी के वक्त खाना खाते है और फिर पूरे दिन रोजा रखने के बाद शाम को रोजा खोलते हैं। लेकिन,क्या आप जानते हैं कि रमजान के दौरान लोग रोजा खोलने के लिए सिर्फ खजूर का इस्तेमाल करते हैं। खजूर से रोजा खोलने के पीछे धार्मिक वजह के साथ ही वैज्ञानिक कारण भी है।

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खजूर से रोजा खोलने का धार्मिक कारण
रमजान में खजूर खाकर रोजा खोलने के पीछे धार्मिक कारण है। कहा जाता है कि इस्लाम में खजूर को सुन्नत माना जाता है और यह पैगंबर हजरत मोहम्मद का पसंदीदा फल था। वे खजूर खाकर रोजा खोलते थे। इसलिए आज भी खजूर खाकर रोजा खोला जाता है।

खजूर से रोजा खोलने का वैज्ञानिक कारण
रोजा खोलने के लिए खजूर का इस्तेमाल करने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। डॉक्टर्स बताते हैं कि खजूर खाने से बॉडी को तुरंत एनर्जी मिलती है, क्योंकि दिनभर रोजा रखने से एनर्जी लेवल कम हो जाता है और इसलिए खजूर खाया जाता है। इसके अलावा खजूर डाइजेशन के लिए भी काफी अच्छा होता है।

खजूर खाने से मिलते है ये न्यूट्रिएंट्स
खजूर में काफी मात्रा में फाइबर, आयरन, कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन और कॉपर होता है,जो बॉडी को ताकत देने के लिए बहुत जरूरी है। डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ खजूर खाकर बॉडी को उतना फाइबर मिल सकता है,जितनी पूरे दिन में जरूरत होती है। खजूर खान से शरीर को काफी मात्रा में ऊर्जा मिलती है जो पूरे रोजा रखने की वजह से आई कमजोरी को दूर करता है।

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Shiv murti

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