दुर्दांत नक्सली लालव्रत को उम्रकैद,पुलिस पार्टी पर फायरिंग,अत्याधुनिक असलहों की बरामदगी में सुनाई गई सजा

दुर्दांत नक्सली लालव्रत को उम्रकैद,पुलिस पार्टी पर फायरिंग,अत्याधुनिक असलहों की बरामदगी में सुनाई गई सजा

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में नक्सलवाद के जनक का दर्जा रखने वाले दुर्दांत नक्सली लालव्रत कोल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। शुक्रवार की शाम यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत की तरफ से पारित किया गया। मई 2012 में चोपन थाना क्षेत्र के छिकडा जंगल में, पुलिस पार्टी पर फायरिंग और लालव्रत के पास से अत्याधुनिक असलहों की बरामदगी के मामले में यह फैसला सुनाया गया। 30,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसकी अदायगी न किए जाने पर, 3 वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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अभियोजन कथानक के मुताबिक 29 मई 2012 की भोर में,चोपन पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना प्राप्त हुई कि छिकड़ा के जंगल में कुछ नक्सली अपराधियों की चहलकदमी देखी गई है और वह किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने की फिराक में हैं। उनके साथ कुछ अन्य प्रांतों के नक्सली संगठन के लोग भी आकर बैठक कर रहे हैं। तत्काल मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी गई। जानकारी मिलते ही एसपी भी चोपन पहुंच गए । मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और सीआरपीएफ की टीम भी मौके पर बुला ली गई।

तीन भागों में टीम बांटकर की गई थी जंगल की घेराबंदी
थाना चोपन में सभी के जमावड़े के बाद पूरी टीम को तीन भाग में बांटा गया। एक टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे, दूसरी टीम का नेतृत्व सीओ पिपरी ओर तीसरी टीम का नेतृत्व सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट पवन कुमार उपाध्याय करते हुए छिकड़ा के जंगल में पहुंचे।
एक किलोमीटर पहले ही गाड़ियो को खड़ा करके घेराबंदी की गई। देखा गया कि रोशनी वाले स्थान
पर 6-7 व्यक्ति बैठे हुए हैं, जिनके पास असलहे थे।

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एसपी को हुआ नक्सली होने का इत्मीनान, तब टीम बढ़ी आगे
जब पुलिस अधीक्षक को इत्मीनान हो गया कि नक्सली ही हैं, तब लाउडस्पीकर से बदमाशों को आत्म समर्पण करने के लिए कहा गया। इसके बाद वहां मौजूद बदमाशों ने लाउडस्पीकर की आवाज की दिशा को लक्ष्य कर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में 4-5 बदमाश निकल कर जंगल में भागने में सफल रहे।

मैगजीन अनलोड करते समय पकड़ा गया था लालव्रत
वहीं मैगजीन अनलोड करते समय एक बदमाश को पकड़ लिया गया, जिसने नाम-पता पूछने पर अपना नाम लालब्रत कोल उर्फ कमलजी पुत्र बचाउ कोल निवासी मझिगवां, थाना नौगढ़, जनपद चंदौली बताया। पकडे गये व्यक्ति के शिनाख्त की कार्रवाई पूरी करने के बाद जामा तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक अदद कारबाइन 7 एमएम मय खाली मैगजीन, एक अदद राइफल 315 बोर मय खाली मैगजीन, 9 एमएम के 10 जिंदा कारतूस, 315 बोर के 10 जिंदा कारतूस, एक मशीनगन की खाली मैगजीन बरामद हुई।

इन-इन मामलों में सुनाई गई सजा
लालव्रत कोल उर्फ रूमल जी उर्फ गुरु जी को धारा-3/25 आयुध अधिनियम के अंतर्गत तीन वर्ष का कारावास, 5, 000 अर्थदंड, अर्थदण्ड अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास, धारा-7/27 (2) आयुध अधिनियम के अंतर्गत आजीवन कारावास, 20,000 अर्थदंड,अर्थदंड अदा न करने पर 02 वर्ष का अतिरिक्त कारावास, धारा-414 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत तीन वर्ष का कारावास, 5,000 अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर 06 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।

Shiv murti

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