यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
मथुरा । यमुना एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। बांदा से दिल्ली जा रही बस के अंदर धुआं भरते ही यात्री खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हादसे में किसी की मौत नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित हैं, हालांकि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

यह घटना सुबह करीब 5:15 बजे राया थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 110 के पास हुई। बस, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 90 AT 8837 है और जो राज कल्पना (संस्कार ट्रैवल्स) के नाम से रजिस्टर्ड है, बांदा से दिल्ली-नोएडा की ओर जा रही थी। इसमें करीब 40 से 50 यात्री सवार थे, जिनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, जब अचानक तेज धमाके की आवाज आई और बस के पिछले हिस्से से धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में आग की लपटें उठने लगीं।
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह टायर फटना या ब्रेक जाम होने से ओवरहीटिंग बताई जा रही है। चालक ने बस को सड़क किनारे रोका और कंडक्टर के साथ नीचे उतरकर भाग गए। यात्रियों की पुकार के बावजूद वे वापस नहीं लौटे। एक यात्री ने ड्राइवर सीट का दरवाजा खोलकर स्थिति देखी, तब तक बस में आग फैल चुकी थी। अफरा-तफरी में यात्रियों ने खिड़कियों का शीशा तोड़कर या दरवाजों से कूदकर बाहर निकलने का प्रयास किया। बस धू-धू कर जल उठी और यात्रियों का सारा सामान राख हो गया। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस, यमुना एक्सप्रेसवे रेस्क्यू टीम और फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पुलिस के अनुसार बस में दो ड्राइवर और एक कंडक्टर थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालकर दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। राया थाना प्रभारी रवि भूषण शर्मा ने पुष्टि की कि किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े करती है। महज एक महीने पहले 16 दिसंबर 2025 को इसी एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण कई बसों और कारों की टक्कर में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। प्रशासन ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है और वाहनों की नियमित जांच, ड्राइवरों की जिम्मेदारी तथा सुरक्षा मानकों पर सख्ती की मांग तेज हो गई है।

