राष्ट्रपति के मनोनयन से फिर राज्यसभा पहुंचे हरिवंश, तीसरी बार बने सांसद
नई दिल्ली (जनवार्ता) । राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति और जदयू के वरिष्ठ नेता Harivansh Narayan Singh की उच्च सदन में वापसी हो गई है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने उन्हें संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था। यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा, हालांकि इस बार वे किसी दल के कोटे से नहीं बल्कि राष्ट्रपति के मनोनीत सदस्य के रूप में सदन में पहुंचे हैं। यह मनोनयन पूर्व मुख्य न्यायाधीश Ranjan Gogoi के सेवानिवृत्त होने से रिक्त हुई सीट पर किया गया है।

हरिवंश इससे पहले राज्यसभा के उपसभापति के रूप में अपनी सक्रिय और संतुलित भूमिका निभा चुके हैं। संसदीय प्रक्रियाओं की गहरी समझ, सदन संचालन के अनुभव और सार्वजनिक जीवन में उनकी दीर्घ सक्रियता को देखते हुए उनका पुनर्मनोनयन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका दोबारा उच्च सदन में आना यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार अनुभवी और संतुलित व्यक्तित्वों को संसद में बनाए रखना चाहती है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 30 जून 1956 को जन्मे हरिवंश नारायण सिंह ने शुरुआती शिक्षा गांव के स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद वे वाराणसी आए, जहां उन्होंने यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और Banaras Hindu University से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। साथ ही पत्रकारिता में डिप्लोमा भी हासिल किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स समूह से की थी और लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई।

