एटा में सनसनीखेज चौहरे हत्याकांड का खुलासा: बेटा कमल सिंह ही निकला माता-पिता, पत्नी और बेटी का कातिल
एटा । कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत नगला प्रेमी गांव में सोमवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों की दिल दहला देने वाली बेरहमी से हत्या हुई थी। इस जघन्य वारदात में परिवार के मुखिया गंगा सिंह (75 वर्ष), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65-70 वर्ष), पुत्रवधू रत्ना देवी (45-48 वर्ष) और पोती ज्योति (19-23 वर्ष) की ईंटों और धारदार हथियार से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर इस मामले का पर्दाफाश कर दिया और मुख्य आरोपी गंगा सिंह के बेटे कमल सिंह को हिरासत में ले लिया।

पुलिस पूछताछ में कमल सिंह ने अपने पिता, मां, पत्नी और बेटी की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया है। कमल सिंह नशेड़ी प्रवृत्ति का था और हत्या के पीछे मुख्य वजह पारिवारिक विवाद तथा आर्थिक तंगी बताई जा रही है। खासकर छोटी बेटी ज्योति की शादी (11 फरवरी को तय) के लिए दहेज या खर्च के इंतजाम को लेकर पत्नी रत्ना से तीखी बहस हुई थी। कमल ने अपनी मां से बेटी की शादी के लिए रकम मांगी थी, लेकिन विवाद बढ़ गया। नशे और घरेलू कलह ने उसे इस खौफनाक कदम तक पहुंचा दिया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कमल खुद को भी खत्म करने की योजना बना रहा था, लेकिन बीच में बड़ी बेटी लक्ष्मी का फोन आने से वह रुक गया।
घटना का क्रम इस प्रकार रहा। कमल सिंह का एटा-शिकोहाबाद रोड पर ऑप्टिकल स्टोर है। परिवार में बुजुर्ग पिता गंगा सिंह (कैंसर पीड़ित), मां श्यामा देवी, पत्नी रत्ना, दो बेटियां लक्ष्मी (21 वर्ष) और ज्योति (नोएडा में नौकरी करती थी), तथा 10 वर्षीय बेटा देवांश रहते थे। ज्योति का अफेयर था और परिवार ने शादी के लिए हामी भर दी थी। वह तीन दिन पहले शादी की तैयारियों के लिए घर लौटी थी। सोमवार सुबह देवांश स्कूल और लक्ष्मी स्टोर चले गए। कमल खरीदारी के बहाने घर से निकला। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दोपहर वह घर लौटा, करीब एक घंटे बाद फिर चला गया। दोपहर सवा दो बजे देवांश स्कूल से लौटा तो दरवाजे खुले थे। अंदर खून से लथपथ फर्श और शव देखकर वह चीखा। पड़ोसियों ने पहुंचकर देखा कि दादा गंगा सिंह का शव पलंग पर पड़ा था, दादी श्यामा देवी तड़प रही थीं। ऊपर पत्नी रत्ना का शव पलंग पर और ज्योति का गले में दुपट्टा फंदा कसा हुआ था, साथ ही सिर से खून बह रहा था। श्यामा देवी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मौत हो गई।
चारों मृतकों का अंतिम संस्कार एटा के भूतेश्वर घाट पर किया गया, जहां मुखाग्नि कमल सिंह का बेटा देवांश ने दी। कमल को अंतिम संस्कार में नहीं लाया गया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए, सीसीटीवी और फॉरेंसिक मदद से कमल को मुख्य संदिग्ध बनाया। यह मामला घरेलू रंजिश, नशे और आर्थिक दबाव से जुड़ा प्रतीत होता है।

