दूल्हे की पुलिस कस्टडी में मौत,फेरे से पहले ही विधवा हुई दुल्हन

दूल्हे की पुलिस कस्टडी में मौत,फेरे से पहले ही विधवा हुई दुल्हन

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के गुना में पुलिस कस्टडी में दूल्हे की मौत के बाद हड़कंप मच गया। दूल्हे की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया। इतना ही नहीं, उसकी होनी वाली दुल्हन ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की भी कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उसे बचा लिया और मामला को शांत कराया। लेकिन अब दुल्हन के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है और उसे अब अपने समुदाय की परंपरा के अनुसार,अब उसे विधवा की तरह बाकी की बची जिंदगी गुजारनी होगी। इसके साथ ही वह दूसरी शादी भी नहीं कर सकती है।

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फेरे से पहले विधवा हुई दुल्हन?
दरअसल, दूल्हा देवा और दुल्हन निकिता की शादी तय हुई थी, जो पारदी समुदाय से आते हैं। पारदी समुदाय में कई अजीबोगरीब परंपराएं हैं, जिनको सख्ती से पालन करना पड़ता है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पारदी समुदाय की ऐसी ही एक परंपरा है, जिसके अनुसार अगर किसी लड़की की शादी तय हो जाती है और उसके बाद उसके होने वाली पति की मौत हो जाती है तो लड़की को विधवा की तरह जिंदगी गुजारनी पड़ती है। इस नियम का सख्ती से पालन करना पड़ता है और लड़की की दोबारा शादी भी नहीं कराई जा सकती है।

लड़की को विधवा की तरह गुजारनी पड़ेगी जिंदगी
पारदी समुदाय की बुजुर्ग महिलाओं और बमोरी की पूर्व जनपद अध्यक्ष सुलोचना पारदी ने बताया कि पारदी समुदाय में महिलाओं और लड़कियों के लिए बहुत ही सख्त नियम हैं। लड़की की शादी तय होने के बाद होने वाली पति की मौत होती है तो उसे विधवा की तरह बाकी की जिंदगी गुजारनी पड़ती है। वह एक विधवा महिला की तरह दूसरी शादी नहीं कर सकती है। इसके अलावा पति की मौत के बाद महिला को चप्पल पहनने, नए कपड़े पहनने, त्योहार मनाने, पूजा करने, शादी-समारोह के अलावा किसी भी शुभ कार्यक्रम में शामिल होने की मनाही होती है।

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बारात निकलने से पहले दूल्हे को ले गई थी पुलिस
गुना के धरनावदा थाना क्षेत्र के बीलाखेड़ी गांव के रहने वाले देवेंद्र पारदी उर्फ देवा की शादी रविवार को होने वाली थी और बारात निकलने ही वाली थी। लेकिन, इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई और देवा के साथ उसके चाचा के साथ उठाकर ले गई। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले गुना जिले के ऊमरी क्षेत्र में एक बड़ी चोरी हुई थी, जिसका आरोप देव पर था। इसी मामले में पुलिस उसे पकड़कर धरनावदा थाने ले गई। इसके बाद उसे ऊमरी पुलिस चौकी भी ले गई थी, लेकिन इसी बीच युवक की मौत हो गई।

इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर पूछताछ के लिए के लिए दिनभर थाने-चौकी घुमाने और पीट पीटकर मारने के आरोप लगाए हैं। युवक की मौत के बाद पारदी समुदाय की महिलाएं गुना जिला अस्पताल पहुंच गईं और जमकर हंगामा किया। मृतक की मंगेतर निकिता ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। इसके साथ ही दूल्हे देवा की चाची ने भी खुद को आग लगा लिया। हालांकि, पुलिस ने दोनों को बचा लिया।

कस्टडी में मौत पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस कस्टडी में देवा पारदी की मौत पर ASP मानसिंह ने बताया कि लूट के मामले में लेकर आए थे। जब रिकबरी के लिए जा रहे थे, तब मृतक को सीने में दर्द हुआ। इसके बाद उसे पास के अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां, डॉक्टर मौजूद नहीं होने की वजह से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। परिजनों के आरोप के आधार पर जांच की जा रही है।

Shiv murti

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