अयोध्या: राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश, कश्मीरी अधेड़ हिरासत में
अयोध्या (जनवार्ता) । श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शनिवार सुबह एक बड़ी सुरक्षा चूक की घटना सामने आई। कश्मीर के शोपियां जिले के निवासी अबू अहमद शेख (या अहमद शेख/अब अहद शेख, उम्र लगभग 55-56 वर्ष) ने मंदिर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों और श्रद्धालुओं ने उन्हें रोका, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर धार्मिक नारे लगाने शुरू कर दिए। सुरक्षा बलों ने तुरंत उन्हें हिरासत में ले लिया और राम जन्मभूमि थाने को सौंप दिया, जहां खुफिया एजेंसियों और पुलिस की टीम गहन पूछताछ कर रही है।

घटना के अनुसार, आरोपी राम मंदिर के गेट डी 1 से सामान्य दर्शनार्थियों की तरह प्रवेश कर सीता रसोई क्षेत्र (मुख्य मंदिर से करीब 200 मीटर दूर) तक पहुंचे। यहां उन्होंने नमाज अदा करने की तैयारी की। कुछ रिपोर्टों में इस घटना में दो युवकों और एक युवती (सोफिया नाम की) का भी जिक्र है, जो कश्मीरी मूल के बताए जा रहे हैं, लेकिन मुख्य फोकस अबू अहमद शेख पर है। आरोपी के पास से आधार कार्ड बरामद हुआ है, जिससे उनकी पहचान कश्मीर के शोपियां से सत्यापित हुई।
राम मंदिर में प्रवेश के दौरान केवल सामान्य चेकिंग होती है, कोई पहचान पत्र जांचा नहीं जाता, जिसका फायदा उठाकर वे अंदर घुसे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच में उनके अयोध्या आने के उद्देश्य, यात्रा विवरण और किसी अन्य की संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है। मंदिर परिसर में कुछ कश्मीरी शॉल विक्रेताओं को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
मंदिर की सुरक्षा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) के जिम्मे है, जिसमें करीब 200 जवान तैनात हैं। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के बाद रोजाना डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करते हैं। मंदिर को लेकर पहले भी कई धमकियां मिल चुकी हैं, और सुरक्षा मजबूत करने के लिए एनएसजी हब तथा इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर की तैयारी चल रही है।
जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना मकर संक्रांति जैसे बड़े आयोजनों से ठीक पहले हुई है, जिससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जांच पूरी होने पर अधिक विवरण सामने आएंगे।

