एसटीएफ : मुठभेड़ में अन्तरजनपदीय अपहरण गिरोह के सरगना समेत तीन गिरफ्तार
देवरिया (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने शुक्रवार देर रात एक बड़े अंतरजनपदीय अपहरण गिरोह को दबोच लिया। यह गिरोह सलेमपुर क्षेत्र के दो बड़े व्यापारियों राजकमल तिवारी और अरविंद तिवारी उर्फ चुन्नू तिवारी को अपहरण कर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की योजना बना रहा था। फिरौती क्रिप्टोकरेंसी में लेनी थी और अपहृत व्यक्ति को नेपाल में छिपाने का इरादा था।


शुक्रवार/ शनिवार की मध्यरात्रि थाना क्षेत्र के महदहा तिराहा से चुमवलिया रोड पर एसटीएफ गोरखपुर यूनिट और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी की। सूचना थी कि बदमाश बुलेट मोटरसाइकिल और बिना नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट डिजायर कार से आ रहे हैं। पुलिस देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने गोली चलाई, जिसमें गिरोह का सरगना हिमांशु उर्फ गोविंद यादव घायल हो गया। उसके दो साथी मनजीत यादव और नितेश यादव मौके पर पकड़े गए, जबकि कार में सवार अन्य पांच बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पुलिस ने मौके से दो अवैध .32 बोर पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो देशी तमंचे .315 बोर, 14 जिंदा कारतूस और एक रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की।
गिरफ्तार अभियुक्तों में सरगना हिमांशु उर्फ गोविंद यादव (मऊ) पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट सहित 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अन्य दो मनजीत यादव (मऊ) और नितेश यादव (देवरिया) हैं।
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे प्रदीप यादव के मुर्गी फार्म पर रुकते थे। उनका प्लान शादी से लौट रहे व्यापारी राजकमल तिवारी को उनकी सफेद डिफेंडर गाड़ी से अपहरण करने का था। फिरौती का आधा हिस्सा मुखबिर को और बाकी आपस में बांटने की तैयारी थी।
फरार बदमाशों में प्रदीप यादव (देवरिया), अंकित यादव (गाजीपुर), सर्वेश उर्फ गोलू यादव (मऊ), पंकज यादव (मऊ) और मुखबिर सूरज गौड़ (देवरिया) शामिल हैं, जो नेपाल में ठिकाना मुहैया कराने वाला था।
मुठभेड़ के मामले में सलेमपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और फरार बदमाशों की तलाश में एसटीएफ की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।

