मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्सा की याचिका खारिज
फर्जी वकालतनामा मामले में उमर अंसारी और अधिवक्ता पर मुकदमा

गाज़ीपुर (जनवार्ता)| मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्सा अंसारी द्वारा अपनी संपत्ति की कुर्की पर रोक लगाने के लिए दायर आवेदन को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए एवं अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष-1) गाज़ीपुर श्री शक्ति सिंह ने खारिज कर दिया है।
याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि यह संदेहास्पद है कि आवेदन वास्तव में आवेदिका द्वारा ही दायर किया गया था। अदालत के अनुसार जिस वकालतनामे के आधार पर आवेदन प्रस्तुत किया गया, उस पर फर्जी हस्ताक्षर पाए गए।
इस मामले में मु.अ.सं. 245/2025, थाना मुहम्मदाबाद, जिला गाज़ीपुर, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) भादंसं के तहत मुकदमा दर्ज है।
उमर अंसारी पहले भी रह चुके हैं जेल
आरोप है कि फर्जी वकालतनामा दाखिल करने में मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी की भूमिका सामने आई, जो इसी मामले में पूर्व में कई माह जेल में निरुद्ध रह चुके हैं।
अधिवक्ता और उमर अंसारी के खिलाफ अभियोग
अभियोजन के मुताबिक, वकालतनामे पर उपलब्ध हस्ताक्षर आफ्सा अंसारी के नहीं हैं। इस संबंध में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) ने भी अपनी रिपोर्ट में फर्जी हस्ताक्षर की पुष्टि की है।
इस प्रकरण में आवेदिका के अधिवक्ता लियाकत अली और उमर अंसारी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है।
न्यायाधीश शक्ति सिंह का अनुभव
विशेष न्यायाधीश शक्ति सिंह पूर्व में मुज़फ्फरनगर में तैनाती के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय दे चुके हैं, जिनमें चर्चित रामपुर तिराहा कांड का फैसला भी शामिल है।

