बरेली : एसटीएफ ने 7 साल से फरार 2 लाख के इनामिया को किया गिरफ्तार
लखनऊ (जनवार्ता) : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जिला जेल बदायूं से पिछले सात वर्षों से फरार और 2 लाख रुपये के इनामी अभियुक्त सुमित कुमार को जनपद बरेली से गिरफ्तार किया है। सुमित मुरादाबाद और बदायूं में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।

एसटीएफ के अनुसार, सुमित कुमार पुत्र रामवीर सिंह, निवासी नवैनी गद्दी, थाना हजरतनगर गढ़ी, जनपद मुरादाबाद, को गुरुवार को दोपहर 12:35 बजे मुरादाबाद-लखनऊ हाइवे पर इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया। वह मुरादाबाद के थाना सिविल लाइन्स में दर्ज मुकदमा संख्या 109/2015 (धारा 147, 148, 149, 302 भादवि) और बदायूं के थाना सिविल लाइन्स में दर्ज मुकदमा संख्या 361/2018 (धारा 224, 225, 120बी भादवि और धारा 42 कारागार अधिनियम) में वांछित था।
एसटीएफ की टीम, अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर के नेतृत्व में, लंबे समय से सुमित की तलाश में थी। सूचना मिली थी कि वह बरेली से पीलीभीत के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने उसे धर दबोचा।
अभियुक्त का अपराधिक इतिहास
सुमित ने पूछताछ में बताया कि 2014 में उसके भाई रिंकू की हत्या के बाद उसने बदला लेने के लिए 2015 में मुरादाबाद कचहरी परिसर में ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र उर्फ भूरा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह मुरादाबाद जेल में बंद था, जहां से उसका तबादला बदायूं जिला कारागार में हुआ। वहां उसकी मुलाकात गोरखपुर के चंदन नामक कैदी से हुई, जिसके साथ मिलकर उसने 12 जून 2018 को जेल की दीवार फांदकर फरार होने का प्लान बनाया। सुमित भागने में सफल रहा, लेकिन चंदन पकड़ा गया।
फरारी के दौरान सुमित ने दिल्ली, मेरठ, तमिलनाडु, असम, नेपाल और ओडिशा जैसे स्थानों पर अपनी पहचान छुपाकर रहता रहा। पुलिस की तलाश से बचने के लिए वह बार-बार ठिकाने बदलता रहा। अंततः नेपाल में लंबे समय तक रहने की योजना बनाकर वह पीलीभीत-टनकपुर के रास्ते भागने की कोशिश कर रहा था, तभी एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया।
आपराधिक रिकॉर्ड
सुमित के खिलाफ मुरादाबाद और बदायूं के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, और जेल से फरार होने जैसे गंभीर मामलों में नौ मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त को थाना सिविल लाइन्स, बदायूं में दाखिल किया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

