लखनऊ: नए साल की रात नशे में धुत दरोगा ने हजरतगंज चौराहे पर मचाया उत्पात
बैरिकेडिंग तोड़ी, डीसीपी से उलझा
लखनऊ (जनवार्ता) । नए साल के जश्न के बीच लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर उस समय हंगामा मच गया, जब शराब के नशे में धुत एक दरोगा ने ट्रैफिक बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उलझ गया। बाराबंकी पुलिस लाइन में तैनात सब-इंस्पेक्टर अमित जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने न केवल बैरिकेडिंग को नुकसान पहुंचाया, बल्कि साथी पुलिसकर्मी को कार से कुचलने की कोशिश भी की।

घटना 1 जनवरी की रात करीब 12:30 बजे की है। सिविल ड्रेस में कार चला रहे अमित जायसवाल हजरतगंज चौराहे पर पहुंचे, जहां नए साल की सुरक्षा व्यवस्था के तहत ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग लगाई गई थी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन नशे की हालत में दरोगा भड़क गए। उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और कार आगे बढ़ाते हुए बैरिकेडिंग पर चढ़ा दी। इस दौरान एक सब-इंस्पेक्टर बाल-बाल बचे।
हंगामा बढ़ता देख मौके पर डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित पहुंचे। आरोपी दरोगा ने पहले तो डीसीपी से भी नोकझोंक की और रौब दिखाया, लेकिन जैसे ही डीसीपी ने अपनी पहचान बताई, उनका नशा उतर गया और वे माफी मांगने लगे। हालांकि, डीसीपी ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें पुलिस जीप में बैठाकर हजरतगंज कोतवाली भेज दिया।
पुलिस ने आरोपी दरोगा को हिरासत में ले लिया है और उनकी कार से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं। बाराबंकी पुलिस प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अनुशासनहीनता और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जान जोखिम में डालने के आरोप में दरोगा के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना हजरतगंज के मुख्य चौराहे पर हुई, जिसे सैकड़ों लोग देख रहे थे। नए साल की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शहर में व्यापक पुलिस बंदोबस्त किया गया था, लेकिन इस घटना ने पुलिस महकमे की छवि पर सवाल उठाए हैं।

