फर्जी सीओ बनकर प्रेमिका की तलाश में मऊ पहुंचा युवक, शक होने पर लोगों ने पुलिस को सौंपा

फर्जी सीओ बनकर प्रेमिका की तलाश में मऊ पहुंचा युवक, शक होने पर लोगों ने पुलिस को सौंपा

मऊ (जनवार्ता)। मऊ जिले में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खुद को पुलिस का सीओ बताकर चेकिंग कर रहा एक युवक लोगों के शक के घेरे में आ गया। स्थानीय लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए युवक को पकड़ लिया और सदर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के अनुसार पकड़ा गया युवक प्रभात पांडेय (34) है, जो मूल रूप से सिद्धार्थनगर जनपद का रहने वाला है और वर्तमान में अपने परिवार के साथ वाराणसी में रह रहा है। बताया गया कि प्रभात पुलिस की वर्दी पहनकर किराए की कार में सवार होकर मऊ जिले में घूम रहा था। कार पर एसीपी लिखा हुआ था, जिससे वह खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी साबित करने की कोशिश कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक दिनभर अलग-अलग स्थानों पर लोगों पर रौब जमाते हुए संदिग्धों की चेकिंग करता रहा। शाम करीब चार बजे वह मुंशीपुरा स्थित पशु अस्पताल परिसर में एक युवक का बैग चेक करने लगा। उसकी गतिविधियों और हुलिए पर संदेह होने पर आसपास मौजूद लोगों ने उससे पूछताछ की और पहचान स्पष्ट न होने पर उसे पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पूछताछ के दौरान सामने आया कि उसने अपने पिता की पुरानी पुलिस वर्दी पर सीओ का स्टार लगाकर खुद को अधिकारी बताया था। पुलिस ने तत्काल उसकी वर्दी उतरवाई और परिजनों से संपर्क किया।
जांच में पता चला कि प्रभात के पिता सुधाकर पांडेय वाराणसी और प्रयागराज में प्रभारी निरीक्षक के पद पर तैनात रह चुके हैं और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान में वे गंभीर बीमारी के चलते पैरालाइज की स्थिति में हैं।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रभात मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वर्ष 2022 से कैंसर से पीड़ित है। वह घर से यह कहकर निकला था कि सिद्धार्थनगर जा रहा है, लेकिन लगभग 15 वर्ष पहले परीक्षा के दौरान मऊ में मिली एक युवती, जिसे वह अपनी प्रेमिका मानता है, उसकी तलाश में मऊ पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि प्रभात को यह गलतफहमी थी कि पुलिस अधिकारी के रूप में वह उस युवती पर प्रभाव डाल सकेगा। हालांकि उसकी मुलाकात युवती से नहीं हो सकी, लेकिन फर्जी पहचान के कारण वह लोगों की पकड़ में आ गया।
पुलिस के अनुसार प्रभात एमएससी और बीएड पास है। यह भी सामने आया है कि वह पूर्व में भी दो बार इसी तरह की गतिविधियों के चलते पकड़ा जा चुका है। उसकी गंभीर बीमारी और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फिलहाल उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।

rajeshswari
इसे भी पढ़े   पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ; खड़ी डीसीएम में घुसी ट्रक, चालक की मौत
Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *