जन अधिकार पार्टी कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाई भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती
सोनभद्र (जनवार्ता)! राबर्ट्सगंज स्थित सिंचाई डाक बंगला परिसर में शनिवार को जन अधिकार पार्टी (जाप) के कार्यकर्ताओं ने नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता एवं देश की प्रथम महिला शिक्षिका क्रांतिज्योति माता सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। कार्यक्रम में उनके सामाजिक और शैक्षिक योगदान को याद किया गया।


जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकन्या कुशवाहा तथा संस्थापक एवं सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के निर्देशानुसार आयोजित जयंती समारोह की शुरुआत सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि प्रदेश प्रमुख महासचिव डॉ. भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और दलितों के लिए शिक्षा का द्वार खोला और आजीवन सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया, बाल विवाह और सती प्रथा का विरोध किया तथा सत्यशोधक समाज के माध्यम से समानता और न्याय की स्थापना का कार्य किया।
विशिष्ट अतिथि सुमंत सिंह मौर्य, मंडल प्रभारी वाराणसी ने कहा कि 1848 में पुणे में महिलाओं के लिए पहला विद्यालय खोलकर सावित्रीबाई फुले ने इतिहास रचा। उन्होंने महिलाओं के लिए कुल 18 विद्यालय स्थापित किए। सामाजिक विरोध और अपमान सहते हुए भी वे अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुईं और पिछड़ों, आदिवासियों व महिलाओं के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहीं।
जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य एवं मंडल सचिव श्रीपति विश्वकर्मा ने उन्हें महिला शिक्षा और सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए 1897 में उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति थी। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ मंडल प्रभारी किरण कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य तथा संचालन जिला मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर आज़ाद ने किया।

