व‍ित्‍त मंत्रालय ने यूनियन बैंक पर लगाई पेनाल्‍टी! क्‍या असर होगा?

व‍ित्‍त मंत्रालय ने यूनियन बैंक पर लगाई पेनाल्‍टी! क्‍या असर होगा?

नई दिल्ली। अगर आपका बैंक अकाउंट यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में है तो यह खबर आपके काम की है। जी हां, फाइनेंश‍ियल इंटेलीजेंस यून‍िट(FIU) ने यूनियन बैंक पर 54 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह पेनाल्‍टी संदिग्ध लेनदेन के बारे में जानकारी नहीं देने और मुंबई की एक ब्रांच में कुछ अकाउंट की पीएमएलए के तहत जांच-पड़ताल नहीं करने पर लगाई है। वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली एफआईयू ने 1 अक्टूबर को प्रि‍वेंशन ऑफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंग एक्‍ट की धारा 13 के तहत जुर्माना नोटिस जारी किया है।

rajeshswari

KYC और एंटी मनी लॉन्‍ड्र‍िंग से न‍ियमों के पालन में खाम‍ियां
एजेंसी ने कहा कि बैंक की तरफ से लिखित और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद उसके खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया गया। एफआईयू पूरे मामले की जांच के दौरान बैंक के परिचालन की ‘व्यापक समीक्षा’ में अपने ग्राहक को जानें (KYC) और एंटी मनी लॉन्‍ड्र‍िंग (AML) के पालन से जुड़ी ‘अनियमितताएं’ पाई गईं। सार्वजनिक आदेश के मुताबिक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई के हिल रोड ब्रांच में चल रहे स्‍पेस‍िफ‍िक करंट अकाउंट की जांच से पता चला कि एक एनबीएफसी और इससे जुड़ी इकाइयों के अकाउंट में सामान्य नियंत्रण वाली इकाइयों के जरिये बड़े पैमाने पर पैसे भेजे जा रहे थे।

बैंक ने केवल एक संदिग्ध लेनदेन..
एफआईयू (FIU) ने पाया कि एक ही रज‍िस्‍टर्ड पते और समान लाभकारी मालिकों वाली संस्थाओं से जुड़ी ‘गंभीर अनियमितताएं’ पाई गईं। एजेंसी ने कहा कि इन अकाउंट की बैंक की जांच अपर्याप्त थी क्योंकि केवल एक संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (STR) दायर की गई थी जबकि संबंधित अकाउंट लेनदेन की ज्‍यादा राशि और कई अलर्ट जारी किए गए थे। एफआईयू (FIU) ने कहा कि बैंक की उचित पड़ताल और निगरानी की पर्याप्तता के बारे में चिंताएं पैदा होने के बाद उसे एक नोटिस जारी किया गया। बैंक का जवाब आने के बाद ही यह कार्रवाई की गई।

इसे भी पढ़े   दालमंडी :  दुकानदार ने खुद मकान में लगाई आग

बैंक पर 54 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। एफआईयू ने कहा, ‘बैंक अपने आंतरिक तंत्र और लेनदेन निगरानी दृष्टिकोण का री-इवेल्‍यूएशन करेगा, खासकर जहां कस्‍टमर अकाउंट पर बड़ी संख्या में अलर्ट उत्पन्‍न होते हैं, लेकिन बाद में सरसरी तौर पर बंद कर दिए जाते हैं।’ हालांकि उनकी अधिकृत पूंजी केवल एक लाख रुपये थी, इनमें से प्रत्येक इकाई ने अपने घोषित व्यावसायिक कार्यों के अनुपात में असामान्‍य क्रेडिट कारोबार दिखाया, जिससे प्रश्‍न में एनबीएफसी के अकाउंट से अहम आरटीजीएस इनफ्लो हुआ।’

आप पर क्‍या असर होगा?
आरबीआई या एफआईयू की तरफ से की जाने वाली यह कार्रवाई बैंक के न‍ियामकीय पालन में खामी पर लगाई जाती है। इसका बैंक के ग्राहकों से क‍िसी तरह का संबंध नहीं होता। यद‍ि आपका यून‍ियन बैंक की क‍िसी भी ब्रांच में अकाउंट है तो आप पर इसका क‍िसी प्रकार से असर नहीं होगा। आपका लेनदेन बैंक के साथ पहले की ही तरह चलता रहेगा।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *