यूजीसी मामले पर का केंद्र सरकार पर हमला, विकास से ध्यान भटकाने का आरोप
नई दिल्ली, (जनवार्ता)। यूजीसी के नए नियमों को लेकर में प्रस्तावित सुनवाई से पहले सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान विकास, रोजगार और अर्थव्यवस्था जैसे मूल मुद्दों से हटाकर जनता को अन्य विषयों में उलझाने पर केंद्रित है।
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार को आम आदमी के रोजगार, किसानों की स्थिति और लोकतांत्रिक मूल्यों से कोई सरोकार नहीं है। उनका आरोप था कि सरकार समाज और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है और विवादित मुद्दे स्वयं खड़े करती है।
उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में सभी को अपने-अपने धर्म के अनुसार पूजा और पर्व मनाने की आजादी है। इसके बावजूद बनारस के घाट पर इफ्तार करने की घटना को लेकर कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
यूजीसी नियमों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को गलत तरीके से प्रस्तुत कर छात्रों के बीच राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह इस मामले में छात्रों के हित को प्राथमिकता दे।
पप्पू यादव ने शिक्षा और रोजगार को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि छात्रों के बीच किसी प्रकार का विभाजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने समान शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया और आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश चल रही है।
इसके साथ ही उन्होंने रेलवे सहित अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग दोहराई और कहा कि बेटियों को बिना किसी भेदभाव के रोजगार के समान अवसर मिलने चाहिए।


