गोंडा : रेलवे स्टेशन पर चोर को पकड़ने में सिपाही ने गंवाए दोनों पैर
गोंडा : उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात करीब 12 बजे एक सिपाही ने ड्यूटी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा का अनोखा उदाहरण पेश करते चोर को हिरासत से भागते देख उसका पीछा करते हुए वह ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसके दोनों पैर कट गए। जख्मी हालत में भी सिपाही ने चोर को पकड़ लिया।

घटना प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हुई। रात 11:30 बजे दो युवकों में मारपीट शुरू हो गई। एक युवक ने सुनील कुमार (35) पर जेबकतरी का आरोप लगाया। ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही आकाश सिंह (29) तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को पकड़कर थाने के बाहर लाया और पूछताछ की। एक को छोड़ दिया गया, जबकि सुनील को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया।
कुछ ही देर बाद लखनऊ की ओर जा रही डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15903) प्लेटफॉर्म पर पहुंची। इसी दौरान सुनील ने सिपाही से हाथ छुड़ाया और चलती ट्रेन में चढ़कर भागने लगा। सिपाही आकाश सिंह भी बिना सोचे-समझे उसके पीछे दौड़े। उन्होंने ट्रेन में चढ़ रहे सुनील को पीछे से पकड़कर बाहर खींच लिया।
इसी आपाधापी में सिपाही प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के गैप में गिर गए। ट्रेन की चपेट में आने से उनके दोनों पैर कट गए एक पैर पूरी तरह अलग हो गया, जबकि दूसरा खाल के सहारे लटक रहा था।
चीख-पुकार सुनकर अन्य पुलिसकर्मी और आम लोग दौड़कर पहुंचे। ट्रेन को तुरंत रोका गया। घायल सिपाही को बाहर निकाला गया। आरोपी सुनील कुमार को भी पकड़ लिया गया, जो खुद भी जख्मी हो गया था।
सिपाही आकाश सिंह को प्राथमिक उपचार के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से उनकी हालत गंभीर बताते हुए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि पैर इतने बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं कि जुड़ना मुश्किल है। अलग से प्रोस्थेटिक (कृत्रिम) पैर लगाने की जरूरत पड़ सकती है।
सिपाही आकाश सिंह मऊ जिले के रहने वाले हैं। वे 2018 बैच के हैं और कई साल से गोंडा जीआरपी में तैनात हैं। शादीशुदा हैं, लेकिन अभी कोई संतान नहीं है। परिवार के सदस्य मऊ से लखनऊ पहुंच गए हैं।
जीआरपी प्रभारी दिनेश कुमार पांडेय ने बताया, “आरोपी सुनील कुमार को पकड़ लिया गया है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिपाही को लखनऊ रेफर किया गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और पूरी घटना की जांच चल रही है।”
यह घटना सिपाही की बहादुरी और ड्यूटी के प्रति समर्पण की मिसाल बन गई है। एक ओर जहां पूरा स्टेशन इस हादसे से स्तब्ध है, वहीं लोग सिपाही आकाश सिंह की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं।

