देवरिया : प्रशासन ने कोर्ट आदेश पर अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार ध्वस्त की
देवरिया (जनवार्ता) । जिले में रविवार को योगी सरकार की अवैध अतिक्रमण हटाने की नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई हुई। गोरखपुर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह मजार सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनी हुई थी, जो विनियमित और हरित क्षेत्र में आती है जहां किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है।

कार्रवाई सुबह से शुरू हुई जब तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे। सबसे पहले मजार परिसर को खाली कराया गया, जिसमें मजार कमेटी के लोगों ने सहयोग किया और अपना सामान हटा लिया। इसके बाद मुख्य गेट, बाउंड्री वॉल, गुंबद, दुकानें और अन्य संरचनाओं को तोड़ा गया। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, जिसमें 300 से अधिक जवान शामिल थे, और हाईवे पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। प्रशासन के अनुसार यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुसार की गई है।
मामला लगभग 6 साल पुराना है। एसडीएम सदर कोर्ट की नियत प्राधिकारी श्रुति शर्मा ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ। जांच में पाया गया कि 1993 का परवाना फर्जी था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया और जमीन को सरकारी बंजर दर्ज किया गया। देवरिया सदर के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत की थी, जिसके बाद जांच तेज हुई। इससे पहले जनवरी में ही उर्स आयोजन पर भी रोक लगाई गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में 28 साल पहले आरएसएस प्रचारक रामनगीना यादव की हत्या को भी इस मजार से जोड़ा गया है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है, जैसी पहले बहराइच, बालरामपुर और अन्य जिलों में देखी गई है। कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए हुई है।

