गाजियाबाद : महिला दरोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

गाजियाबाद : महिला दरोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

गाजियाबाद (जनवार्ता)। एंटी करप्शन टीम ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दरोगा साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में तैनात थीं और पिंक बूथ की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

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शिकायतकर्ता रामपाल सैनी, जो वृंदावन साहिबाबाद के निवासी हैं, ने बताया कि उनके बेटे की शादी 2024 में हुई थी। शादी के बाद बहू मायके चली गई और पंचायत के बाद दहेज का मुकदमा दर्ज करा दिया। महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ने रामपाल को बार-बार थाने बुलाकर धमकाया कि उनके बेटे के नाम पर एफआईआर दर्ज है और यदि रिश्वत नहीं दी गई तो पूरे परिवार को केस में शामिल कर दिया जाएगा। उन्होंने शुरू में एक लाख रुपये की मांग की, जिसके बाद बातचीत चलती रही और अंत में 45 हजार रुपये में मामला तय हुआ।

रामपाल ने दो दिन पहले मेरठ में एंटी करप्शन विभाग से शिकायत दर्ज कराई। विभाग ने जाल बिछाया और मंगलवार को रामपाल ने तय रकम 45 हजार रुपये दरोगा को सौंपे। जैसे ही भुवनेश्वरी सिंह ने पैसे टेबल की दराज में रखवाए, एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान महिला दरोगा ने लाल दुपट्टे से अपना चेहरा ढंक लिया और टीम द्वारा गाड़ी में बैठाए जाने पर धक्का-मुक्की भी की।

यह पहली बार नहीं है जब भुवनेश्वरी सिंह रिश्वत के मामले में पकड़ी गई हैं। वर्ष 2022 में जब वे कानपुर में एडीसीपी पूर्वी के ऑफिस में तैनात थीं, तब उन्होंने एक होमगार्ड के साथ पनकी इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट पर छापेमारी की थी। इस दौरान जालौन के दो व्यापारियों और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने चारों से 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसकी सूचना मिलने पर एडीसीपी राहुल मिठास और एसीपी कोतवाली अशोक सिंह ने सिविल ड्रेस में एक रेस्टोरेंट में 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

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उल्लेखनीय है कि 23 सितंबर 2025 को भुवनेश्वरी सिंह ने चार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ एक बदमाश का एनकाउंटर किया था। उन्होंने बदमाश के पैर में गोली मारकर उसे पकड़ा और कंधे पर लादकर ले गई थीं। इस कार्रवाई के लिए गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने उन्हें और अन्य महिला पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया था। इसके बाद उनका तबादला महिला थाने से साहिबाबाद रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में कर दिया गया था।

रामपाल सैनी ने कहा कि वे एक मजदूर परिवार से हैं और बहुत डरे हुए थे। उन्होंने एंटी करप्शन टीम की सराहना करते हुए कहा कि अगर कानून के तहत कार्रवाई करनी थी तो ईमानदारी से करनी चाहिए थी।

वर्तमान मामले में आरोपी महिला दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है और जांच जारी है। यह घटना पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का एक और उदाहरण पेश करती है।

Shiv murti

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