छापेमारी में 1.60 करोड़ नकद और ज्वेलरी बरामद
आईआरएस अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार
झांसी । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) कार्यालय में चल रहे बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का खुलासा किया है। जीएसटी चोरी के मामलों में निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने आईआरएस अधिकारी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी (2016 बैच), दो सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार तिवारी व अजय कुमार शर्मा, अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता और कारोबारी राजेंद्र कुमार मंगतानी (जय अंबे प्लाईवुड के मालिक) को गिरफ्तार किया है।


ट्रैप के दौरान दो सुपरिंटेंडेंट को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। गिरफ्तारियों के बाद आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी में कुल 1.60 करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, ज्वेलरी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।

सीबीआई ने मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अगले ही दिन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच में पता चला कि यह रैकेट डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के निर्देश पर चल रहा था। उनके इशारे पर सुपरिंटेंडेंटों ने रिश्वत ली, जबकि वकील और कारोबारी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई का कहना है कि जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह कार्रवाई जीएसटी विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

