चूड़ी के टुकड़े से खुला कारोबारी की पत्नी की हत्या का राज, नौकरानी और बेटे ने की थी वारदात
महोबा। खोया मंडी इलाके में कारोबारी की पत्नी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को घर में काम करने वाली नौकरानी और उसके बेटे ने अंजाम दिया था। घटनास्थल से मिले चूड़ी के एक टुकड़े ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
यह वारदात 25 फरवरी को हुई थी। किराना व्यापारी संतोष पुरवार रोज की तरह सुबह दुकान चले गए थे। घर में उनकी पत्नी किरन और नौकरानी आशा रैकवार मौजूद थीं। रात में जब संतोष घर लौटे तो दरवाजा खुला मिला। अंदर कमरे में उनकी पत्नी किरन बेड पर मृत पड़ी थीं। कानों से झुमके गायब थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला लूट के बाद हत्या का प्रतीत हुआ।
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मौके से टूटी हुई चूड़ी का एक टुकड़ा मिला। इसी सुराग ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी।
चूड़ी के टुकड़े से नौकरानी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने शक के आधार पर घर की नौकरानी आशा रैकवार को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान उसके हाथ की एक चूड़ी टूटी हुई पाई गई। जब पुलिस ने मौके से मिले चूड़ी के टुकड़े का मिलान किया तो वह उसी चूड़ी से मेल खा गया। इसके बाद पुलिस ने आशा को हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आशा ने हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से किरन के घर में काम कर रही थी और उनकी देखभाल सहित घर के सभी काम करती थी। लेकिन मालकिन छोटी-छोटी बातों पर डांटती और अपमानित करती थीं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी।
बेटे के साथ मिलकर रची साजिश
आरोपी नौकरानी ने पुलिस को बताया कि उसने तंग आकर अपनी मालकिन की हत्या की साजिश रची और इसमें अपने बेटे सोनू (27) को शामिल किया। 25 फरवरी को संतोष के दुकान जाने के बाद उसने बेटे को घर बुलाया। दोनों ने मिलकर तकिए से किरन का मुंह दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हत्या को लूट का रूप देने के लिए घर से गहने और किरन के कान के झुमके भी ले गए।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि रोज-रोज की डांट और अपमान से नाराज होकर नौकरानी आशा ने अपने बेटे के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला घरेलू विश्वासघात और दबे हुए आक्रोश का खतरनाक उदाहरण है, जिसमें एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।


