देव दीपावली पर पांच सूत्रीय थीम पर होगा भव्य आयोजन

देव दीपावली पर पांच सूत्रीय थीम पर होगा भव्य आयोजन

56 घाटों पर आरती और 11 किमी दीपोत्सव

rajeshswari

वाराणसी (जनवार्ता)। विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली आयोजन 2025 को लेकर पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में  देव दीपावली आरती महासमिति के पदाधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी। इस वर्ष का उत्सव पांच सूत्रीय थीम — 1. ‘ऑपरेशन सिंदूर’, 2. ‘जाति-पंथ अनेक, हम सनातनी एक’, 3. घाटों के देवस्थानों का संरक्षण, 4. गौ, गंगा-गीता, 5. नशा मुक्त भारत अभियान — को समर्पित होगा।

महासमिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र, उपाध्यक्ष पंडित गंगाधर उपाध्याय, दीपक यादव (पिंटू) और विक्रम गौड ने बताया कि थीम के तहत घाटों पर सनातन एकता, नशा मुक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सजावट व रंगोलियों से प्रदर्शित किया जाएगा। दशाश्वमेध व राजघाट पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झलक दिखेगी, जबकि नारी सशक्तिकरण पर विशेष सजावट होगी। भगवान बुद्ध पर बूंदी परकोटा, जैन घाट पर ‘अहिंसा परमो धर्मः, जीओ और जीने दो’, तथा गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव थीम पर आधारित श्रेष्ठ सजावट के लिए प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे।

आचार्य मिश्र ने कहा कि इस बार शताधिक घाटों पर आयोजन होगा, जिसमें 56 घाटों पर सामूहिक आरती और लगभग 11 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में एक साथ दीप प्रज्ज्वलन होगा। गंगा, वरुणा व गोमती तटों पर भी दीपोत्सव की झिलमिलाहट दिखेगी। उन्होंने देव दीपावली की प्राचीनता पर प्रकाश डालते हुए पंचगंगा घाट स्थित इंदौर की महारानी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा 17वीं शताब्दी में निर्मित हजारा दीप स्तंभ और बिंदु माधव मंदिर की सीढ़ियों पर बने दो छोटे दीप स्तंभों का उल्लेख किया। ये जीर्ण-शीर्ण हो रहे हैं, जिनके तत्काल जीर्णोद्धार व संरक्षण की मांग की गई। उन्होंने चिंता जताई कि काशी के घाटों पर बने प्राचीन मंदिरों का लैंड यूज बदलकर होटल बनाए जा रहे हैं, जिससे मंदिरों के शहर की पहचान खतरे में है। देवस्थानों व ट्रस्टों का संरक्षण जरूरी है।

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‘जाति-पंथ अनेक, सभी सनातनी एक’ थीम पर जोर देते हुए मिश्र ने कहा कि सनातन धर्म वटवृक्ष की तरह विशाल है, जिसमें बुद्ध, महावीर, नानक, रविदास व कबीर जैसे संत समाहित हैं। देव दीपावली सभी जातियों-पंथों को एक मंच पर लाकर दीपों से जोड़ती है, यही इसका सर्वप्रिय मंत्र है।

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत वाराणसी के सभी घाटों को नशा मुक्त क्षेत्र बनाने की योजना है। गायत्री परिवार के जिला समन्वयक व महासमिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित गंगाधर उपाध्याय ने बताया कि घाट पुरोहित आने वाले श्रद्धालुओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाएंगे, जिसमें गायत्री परिवार के सृजन सैनिक सहयोग करेंगे।

Shiv murti

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