महाशिवरात्रि पर बाबा काशी विश्वनाथ देंगे 45 घंटे अनवरत दर्शन
वीवीआईपी और स्पर्श दर्शन पर पूरी रोक
वाराणसी (जनवार्ता)। भगवान शिव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस बार विशेष उत्साह के साथ मनाया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने लाखों श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए ऐतिहासिक व्यवस्था की है। मंदिर में 15 फरवरी की रात्रि से 16 फरवरी तक लगभग 45 घंटे तक बाबा विश्वनाथ का अनवरत झांकी दर्शन उपलब्ध रहेगा। यह व्यवस्था भक्तों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखकर की गई है।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र के अनुसार महाशिवरात्रि पर वीवीआईपी दर्शन तथा स्पर्श दर्शन पूरी तरह बंद रहेगा ताकि सामान्य भक्त आसानी से बाबा के दिव्य दर्शन कर सकें। झांकी दर्शन निरंतर चलेगा। अनुमान है कि इस पर्व पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु काशी पहुंचेंगे जिसमें देश-विदेश से आने वाले भक्त शामिल हैं।
आरतियों का समय परिवर्तित किया गया है। मंगला आरती 15 फरवरी की रात्रि 2:15 बजे से शुरू होकर प्रातः 3:15 बजे तक संपन्न होगी। इसके बाद प्रातः 3:30 बजे मंदिर दर्शन के लिए खुल जाएगा। मध्याह्न भोग आरती प्रातः 11:40 बजे से शुरू होकर 12:20 बजे तक चलेगी। प्रथम प्रहर की आरती रात्रि 9:30 बजे शंखनाद के साथ शुरू होकर रात्रि 10:00 बजे से आरती प्रारंभ होगी जो 12:30 बजे समाप्त होगी। द्वितीय प्रहर की आरती रात्रि 1:30 बजे से 2:30 बजे तक होगी। तृतीय प्रहर की आरती प्रातः 3:30 बजे से 4:30 बजे तक और चतुर्थ प्रहर की आरती प्रातः 5:00 बजे से 6:15 बजे तक संपन्न होगी। इस दौरान सभी प्रहरों में झांकी दर्शन सतत जारी रहेगा।
दर्शन 15 फरवरी की रात्रि लगभग 2:00 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी की रात्रि 11:00 बजे तक या व्यवस्था अनुसार आगे तक चलेगा। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, सुरक्षा इंतजाम, पानी-पेयजल स्टॉल और अन्य सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

